संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन पर एक बार फिर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला मरीज की बेटी ने ईएसआईसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि रात के समय आईसीयू वार्ड में कोई भी वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद नहीं था। इसके चलते उनकी मां को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और उनकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के डीन ने कहा मामले की जांच की है। मरीज की हालत यहां लाने से पहले ही बहुत खराब थी। डॉक्टरों ने महिला की स्थिति के बारे में उसकी बेटी को बताने के बाद ही यहां भर्ती किया था।
वायरल वीडियो में बेटी सपना ने बताया कि कुछ दिन पहले वह अपनी मां को इलाज के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लेकर आई थी। यहां वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने के कारण उसने कुछ समय अपनी मां का इलाज निजी अस्पताल में करवाया, जहां करीब चार लाख रुपये खर्च हुए। इसके बाद पैसों की कमी के चलते एक बार फिर वह अपनी मां को यहां लेकर आई। सपना ने बताया कि उनकी मां केला देवी (55) की अचानक एक दिन दिल की धड़कने रुक गईं। इसके बाद डॉक्टरों ने उनको सीपीआर दिया और उनकी जान बच गई। इसके बाद से उनकी हालात बिगड़ती चली गई। बुधवार रात को उनकी मां की तबीयत बिगड़ गई। वह अपनी मां के इलाज के लिए डॉक्टर को ढूंढती रही, लेकिन अस्पताल में उसे केवल सुरक्षा कर्मियों और ट्रेनर स्टूडेंट के अलावा कोई नहीं मिला। इसी बीच इलाज के लिए तड़प रही मां की मौत हो गई।
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में तैनात स्टाफ पर मृतका की बेटी द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। मृत महिला का पहले निजी अस्पताल में इलाज चला था। जहां पहले ही महिला को ब्रेन हेमरेज हो गया था। इसके बाद मरीज महिला की बेटी सपना उन्हें यहां इलाज के लिए लेकर आई थी। वरिष्ठ डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में पहले से ही उसके तीमारदारों को बता दिया था, इसके बाद ही महिला को यहां दाखिल किया गया था। - एके पांडे, डीन- ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल एनआइटी-नंबर तीन