नशे के दुष्परिणाम और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नूंह दंगे के बाद शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से गांव धौज में सद्भावना बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादियान, एसडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोकचंद थाना प्रबंधक धौज सत्यवान का ग्रामीणों ने स्वागत किया।
डीसीपी एनआईटी ने कहा कि हाल ही में मेवात क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से हुई हिंसात्मक घटना ने समाज में शांति के माहौल को खराब किया है। यह हिंसा और न भड़के इसके लिए समाज में एक्टिव रूप से कार्य कर रहे सभी संगठनों को निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण न दें। भाईचारे की भावना को बढ़ावा दें ताकि समाज में शांति स्थापित हो सके। उन्होंने लोगों से अपील की है की अपने युवा बच्चों को किसी भी धार्मिक उन्माद से दूर रखें। अगर कोई भी धार्मिक उन्माद में शामिल पाया गया तो संगीन धाराओं में मामला दर्जकर किया जाएगा, जिसमें 14 साल तक की सजा का भी प्रावधान है। इसके साथ ही उन्होंने नशे के दुष्परिणाम के बारे में जागरूक भी किया। नशा एक खतरनाक बीमारी है। अगर कोई नशा करता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और दोषी पर कार्यवाही की जाएगी। थाना धौज प्रबंधक सत्यवान ने मौजूद व्यक्तियों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी तरह के लिंक को ना खोलें, अनजान व्यक्ति को बैंक से संबंधित अपनी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी ना दें। अगर कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाता है तो वह तुरंत 1930 सहायता नंबर पर सूचना दे। थाना प्रबंधक ने अपना सरकारी नंबर 9582200157 भी लोगों को दिया।