फरीदाबाद के सैनिक कॉलोनी टी प्वाइंट के पास नगर निगम की जमीन पर बसी जमाई कॉलोनी को तोड़ने गई नगर निगम की टीम पर लोगों ने पथराव कर दिया। इसके चलते 5-6 मकानों को तोड़कर निगम की टीम को लौटना पड़ा।
घटना में कई पुलिसकर्मियों को भी पत्थर लगे हैं। कब्जेदारों ने विरोध स्वरूप सैनिक कॉलोनी चौक पर जाम लगा दिया। उपद्रवियों को हटाने के लिए पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ी। मामला बिगड़ता देख निगम अधिकारियों ने तोड़फोड़ कर्मियों को वापस बुला लिया। उधर, पुलिस ने उपद्रवियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
तोड़फोड़ विभाग के एसडीओ ओपी वर्मा ने बताया कि संयुक्त आयुक्त के आदेश पर बृहस्पतिवार को तोड़फोड़ विभाग की टीम 5 जेसीबी मशीन के साथ जमाई कॉलोनी पहुंची। इस दौरान 50 से अधिक पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। टीम ने दोपहर करीब 12:30 बजे जब तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की तो पहले से ही घात लगाए कॉलोनी के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।
पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानें। पुलिस बार-बार लाठियां पटक कर उपद्रवियों को काबू करने की कोशिश की, लेकिन पत्थरबाजी कम नहीं हुई। पथराव में नगर निगम समेत कई पुलिसकर्मियों और राहगीरों को पत्थर लगे। करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ विभाग, पुलिस और कब्जेदारों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा।
टीम को बुलाया वापस
पथराव और विरोध को देखते हुए संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान ने तोड़फोड़ टीम के अधिकारियों से वार्ता की और माहौल को देखते हुए उन्हें वापस बुला लिया। ओपी वर्मा ने बताया कि कब्जेदारों ने सैनिक कॉलोनी चौक पर जाम भी लगा दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। ओपी वर्मा का कहना है कि जिन लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पूरी कॉलोनी खाली कराई जाएगी।
पहले भी यहां हुई थी तोड़फोड़
17 मई को भी निगम के दस्ते ने जमाई कॉलोनी में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस दौरान करीब 150 झुग्गियां तोड़ी गईं। इस कार्रवाई के दो-तीन बाद ही कुछ स्थानीय और छुटभैये नेता नगर निगम पहुंचकर संयुक्त आयुक्त को ज्ञापन देने के नाम पर राजनीतिक रोटी सेकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बता दें कि जिस जमीन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई है, वह निगम की जमीन है। लोग वहां अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं।
भारी पुलिस बल के साथ होगी तोड़फोड़
एसडीओ ओपी वर्मा का कहना है कि जमाई कॉलोनी को हटाने के लिए तीनों जोनों के तोड़फोड़ दस्ते की सहायता लेनी पड़ेगी। इसके अलावा भारी संख्या में पुलिस बल चाहिए। तब जाकर जमाई कॉलोनी को हटाया जा सकता है। इतना तय है कि कॉलोनी को कब्जे से जल्द मुक्त कराया जाएगा।