पत्रकार पूजा की मौत खुद कूदने से हुई थी या उसे फेंका गया था, इसकी जांच करने के लिए रविवार को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) मधुबन से सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर सीन ऑफ क्राइम विनोद कुमार सिंह ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया।
सद्भावना अपार्टमेंट के कमरा नंबर 509 का निरीक्षण कर वहां से मिली शराब की बोतलें और गिलास आदि सामान जांच के लिए कब्जे में लिया और घटनास्थल की नापजोख कर खाका तैयार किया। टीम करीब तीन घंटे तक घटनास्थल पर रुकी।
एफएसएल एक्सपर्ट वीके सिंह एसीपी बल्लभगढ़ गजेंद्र सिंह, एसएचओ सूरजकुंड राजेंद्र सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों के साथ करीब सवा बारह बजे सेक्टर-46, सद्भावना अपार्टमेंट स्थित पूजा के फ्लैट पर पहुंचे।
फिंगर प्रिंट लेने के लिए शराब की बोतलों को सुरक्षित रख लिया गया
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक, टीम को फ्लैट में से शराब (सिग्नेचर ब्रांड) की दो खाली बोतल, 100 पाइपर की खाली बोतल, ओल्ड मॉंक की आधी खाली बोतल और गिलास बरामद हुए। फिंगर प्रिंट लेने के लिए इन सभी बोतलों को सुरक्षित रख लिया गया।
टीम के साथ आए इंस्पेक्टर अमित से घटना वाली रात में कौन कहां था और कैसे क्या हुआ, इसकी जानकारी ली गई। अमित ने जैसा बताया उसके आधार पर एक्सपर्ट ने घटनास्थल की नापजोख की। पूजा जिस बालकनी की ग्रिल से लटक कर नीचे गिरी थी उसका भी गहन निरीक्षण किया गया।
करीब तीन घंटे तक सबूत जुटाने के बाद टीम रवाना हो गई
टीम ने फ्लैट नंबर 309 की बालकनी में बंधी रस्सी की लंबाई चौड़ाई नापी और इसके बाद जमीन पर पूजा का शव जहां मिला था, उसकी भी नापजोख की गई। करीब तीन घंटे तक सबूत जुटाने के बाद टीम रवाना हो गई।
एसीपी बल्लभगढ़ गजेंद्र कुमार ने बताया कि हत्या या आत्महत्या इन दोनों पहलुओं पर जांच की जा रही है, जांच के लिए क्राइम सीन एक्सपर्ट को बुलाया गया है। एक्सपर्ट वीके सिंह ने बताया कि घटना 2 मई की है, जबकि जांच के लिए उन्हें 8 मई को बुलाया गया है।
जांच के लिए जरूरी सभी नापजोख के अलावा सामान रख लिया गया है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और यहां तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर परिणाम तय किए जाएंगे।