फर्जी बीमा एजेंट बन लोगों से किस्त की रकम का चेक लेने के बाद उसमें धोखाधड़ी कर खाते से लाखों रुपये निकालने वाली महिला ठग और उसके साथी को पुलिस ने पकड़ा है। इनके गिरोह में कितने लोग हैं और यह अभी तक कितने लोगों को ठग चुके हैं पुलिस इसका पता लगा रही है।
एनआईटी नेहरू कॉलोनी मेें रहने वाले संजीव सूद के मुताबिक उन्होंने एक बीमा कंपनी से पॉलिसी ले रखी है। बुधवार को उनके पास एक युवती ने फोन किया। युवती ने खुद को उनकी बीमा कंपनी का अधिकारी बताते हुए उनसे पॉलिसी की किस्त जमा कराने को कहा। उन्होंने हामी भरी तो युवती ने कहा कि कुछ ही देर में उनके पास कंपनी का कलेक्शन एजेंट पहुंच रहा है।
ड़ी देर बाद इमरान नामक एक युवक उनके घर पहुंचा और खुद को कंपनी का कलेक्शन एजेंट बताया। इमरान ने उनसे चेक लेकर पॉलिसी की रकम अपने पेन से भर दी और उन्होंने उस पर हस्ताक्षर कर दिए। इमरान चेक लेकर चला गया तो उन्होंने बीमा कंपनी को फोन कर भुगतान दिए जाने के बारे में बताया।
उन्हें बताया गया कि कंपनी की ओर से किसी को भी धनराशि या चेक लेने के लिए नहीं भेजा गया है। कुछ गड़बड़ होने की आशंका पर उन्होंने घटना की जानकारी कोतवाली और बैंक को दी। मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया। छानबीन में जुटी पुलिस ने इमरान को पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने फोन करने वाली युवती का नाम अंकिता और पता बताया। पुलिस ने अंकिता को भी पकड़ लिया। एसएचओ कोतवाली सुमन ने बताया कि रिमांड पर लेने के बाद दोनों से अन्य घटनाओं की जानकारी की ली जाएगी।
कैसे करते हैं ठगी
अंकिता और इमरान पहले भी बीमा कंपनियों के एजेंट के रूप में काम कर चुके हैं। इस दौरान इन लोगों ने कंपनियों की कमियों को जान लिया। इन लोगों ने विभिन्न बीमा कंपनियों के पॉलिसी धारकों की जानकारी इकट्टा कर ली। अंकिता पॉलिसी धारक को कॉल करती और इमरान चेक लेने जाता।
इमरान चेक पर मैजिक पेन का इस्तेमाल कर यह रकम खुद ही भरता और हस्ताक्षर पॉलिसी धारक से करा लेता। मैजिक पेन से चेक पर लिखी रकम मिटा कर उस पर दूसरी धनराशि भर देता था और उसका भुगतान करा लेता, यह रकम दोनों के बीच बांट ली जाती।