सचिन हत्याकांड: तीसरे दिन भी नहीं हुआ सचिन का अंतिम संस्कार, पिता ने सीएम को लिखी चिट्ठी
फरीदाबाद। सचिन हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को नकारते हुए सोमवार को भी पीड़ित परिजन आरोपी पार्षद जयवीर खटाना की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। नगर निगम मुख्यालय के बाहर सोमवार को भी उनका धरना जारी रहा। इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया मगर वे नहीं माने। ऐसे में तीसरे दिन भी सचिन का अंतिम संस्कार नहीं हुआ। परिजनों का कहना है कि जब तक पार्षद की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, सचिन का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उधर, सचिन के पिता ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
सरूरपुर निवासी विनोद पांचाल के 19 वर्षीय बेटे सचिन पर 26 सितंबर को शराब माफिया ने हथौड़े, लोहे की रॉड, डंडों, तेजाब में डूबे सुओं और कुल्हाड़ी से हमला किया था। करीब तीन माह तक सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली में भर्ती रहने के बाद परिजन पिछले दिनों सचिन को घर ले आए थे। हालत बिगड़ने पर उसे 20 दिसंबर को बीके सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां 21 दिसंबर को सचिन की मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने पार्षद जयवीर खटाना का नाम भी लिखवाया था, मगर पुलिस ने उसे आज तक गिरफ्तार नहीं किया। सचिन की मौत के बाद उसके परिजन बीके चौक पर नगर निगम मुख्यालय के आगे धरने पर बैठे हुए हैं।
धरने का नेतृत्व कर रहे नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर परिवार को सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है। साथ ही पत्र में पुलिस पर शव छीनने का भी आरोप लगाया है। घटना के बाद से आजाद घूम रहे आरोपी पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। मगर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। नरेंद्र शर्मा ने बताया कि अब वे भाजपा विधायकों का घेराव करेंगे। इस कड़ी में मंगलवार को पहले विधायक सीमा त्रिखा के घर पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें लिखित में दे कि कितने दिन में जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा तभी धरना समाप्त करेंगे। सोमवार को कांग्रेस नेता बलजीत कौशिक, उमेश पंडित, मनीष शर्मा के अलावा इनेलो से प्रेम धनखड़ भी धरना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी।