फॉलोअप : पिता का आरोप, हत्या कर बेटे का शव आत्महत्या दर्शाने को नहर में डाला
बल्लभगढ़। करीब डेढ़ माह पूर्व संदिग्ध हालत में आगरा नहर में मिले छात्र मनीष के शव के मामले में उसके पिता राम प्रसाद ने बेटे की हत्या कर उसे आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को नहर में डालने का आरोप लगाया है। पुलिस आयुक्त (सीपी) अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात कर उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस आयुक्त ने मनीष के शव पर लगी मिट्टी व पेट में जमा पानी की फोरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं। अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए भटक रहे रामप्रसाद पेशे से आर्किटेक्ट हैं और दिल्ली की एक कंपनी में काम करते हैं। मगर इस घटना के बाद से वे काम पर नहीं जा रहे हैं।
ये था मामला
भूदत्त कॉलोनी, बल्लभगढ़ निवासी मनीष अग्रवाल कॉलेज में बीकॉम अंतिम वर्ष का छात्र था। 31 जनवरी 2018 को वह सुबह 10 बजे घर से कॉलेज जाने के लिए निकला था, मगर नहीं लौटा। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, मगर उसका कोई सुराग नहीं मिला। इस पर उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की। पांच फरवरी को पुलिस को सूचना मिली कि गांव डीग प्रहलादपुर के पास आगरा नहर में एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया। इस दौरान पुलिस ने मनीष के परिजनों को सूचना देकर बुला लिया। उन्होंने शव की पहचान मनीष के रूप में की। इस मामले में थाना शहर बल्लभगढ़ पुलिस ने 3 फरवरी को उसके लापता होने का मामला दर्ज कर रखा है।
पिता ने उठाए कई सवाल
मनीष के पिता रामप्रसाद ने इस मामले में पुलिस जांच पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन मनीष लापता हुआ, उसका फोन दिन में 12.19 मिनट पर बंद हो गया था। उसकी आखिरी लोकेशन नहर पार की थी। इससे पहले उसे कॉलेज में देखा गया था। तो वह किसके साथ गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने मनीष के साथ पढ़ने वाले कुछ छात्रों पर शक जताया था, मगर पुलिस ने उनसे गहनता से पूछताछ नहीं की। नहर में जिस तरह से लाश मिली (पैर पानी में और धड़ जमीन पर) उससे साफ है कि उसे मारकर वहां डाला गया था। पुलिस ने इस तरफ भी कोई जांच नहीं की। उसके कपड़ों पर लगी मिट्टी और नहर की मिट्टी में काफी फर्क है। पुलिस ने उसकी जांच करवाना भी उचित नहीं समझा। 31 जनवरी से 5 फरवरी तक मनीष को कहां रखा गया, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
पुलिस आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
मनीष के पिता रामप्रसाद ने बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात कर बताया कि पुलिस ने इसमें केवल लापता होने का मामला दर्ज कर उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पुलिस आयुक्त से मनीष के कपड़ों पर लगी मिट्टी और पेट में भरे पानी की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने पुलिस आयुक्त के समक्ष आशंका जताई कि मनीष की कहीं किसी खेत में हत्या कर उसे यहां नहर में फेंका गया है। पुलिस आयुक्त ने उसकी जांच के आदेश दिए हैं।