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अरुआ के भाटी नर्सिंग होम में चल रहा था गर्भपात का अवैध धंधा

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नर्सिंग होम में चल रहा था गर्भपात का अवैध धंधा, छापा
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- संचालक और नर्स टीम को धक्का दे हुए फरार
- डॉक्टर की मेडिकल डिग्री भी जांच के दायरे में आई
- पुलिस में एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कन्याभ्रूण हत्या रोकने के सरकार के प्रयास का अरुआ गांव स्थित भाटी नर्सिंग होम में उल्लंघन हो रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम में अवैध गर्भपात कराए जाने के दौरान छापामार कार्रवाई की। गर्भपात कर रहा डॉक्टर और नर्स स्वास्थ्य विभाग की टीम को धक्का देकर भाग निकले। विभाग की ओर से डॉक्टर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है।
सरकार ने कन्याभू्रण हत्या रोकने के लिए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट बनाया है। इसके तहत केवल रजिस्टर्ड अस्पतालों में ही गर्भपात कराया जा सकता है। यह भी शर्त है कि यदि भ्रूण में कोई गंभीर समस्या हो तभी गर्भपात कराया जाएगा। भ्रूण के लिंग की पहचान करना भी अपराध की श्रेणी में है।
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सीएमओ के मुताबिक अरुआ गांव के भाटी नर्सिंग होम में अवैध रूप से गर्भपात करने की शिकायत मिली थी। इस पर खेड़ी कलां एसएमओ डा. हरजिंद्र सिंह के नेतृत्व में पीएनडीटी नोडल आफिसर डा. गजराज, मेडिकल आफिसर डा. संगीता, ड्यूटी मजिस्ट्रेट यशवंत सिंह, कृष्ण कुमार की टीम गठित कर मामले की जांच कराई। विभाग को सूचना मिली कि शाम तीन बजे भाटी नर्सिंग होम में एक महिला एमटीपी कराने आ रही है। टीम से समय पर छापा मारा, नर्सिंग होम में एक डाक्टर को महिला का एमटीपी करते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। डॉक्टर के पास से एमटीपी किट और उपकरण भी बरामद किए गए। आरोप है कि पूछताछ के दौरान डॉक्टर और नर्स टीम के सदस्यों को धक्का देकर भाग निकले। डा. हरजिंद्र ने बताया कि भगोड़े डॉक्टर की पहचान नर्सिंग होम के संचालक डा. सुरेंद्र भाटी के रूप में हुई वह खुद को बीएमएस बता रहा था। उसकी शैक्षिक योग्यता की भी जांच की जाएगी। नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ एमटीपी एक्ट के तहत पुलिस में शिकायत दी गई है।
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