एंबुलेंस में करते थे गांजा तस्करी, अदालत ने सुनाई 10-10 साल की कैद
फरीदाबाद। एंबुलेंस में मादक पदार्थ की तस्करी करने के चार आरोपियों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मादक पदार्थ अधिनियम के एक अन्य मामले में अदालत ने दोषी को पांच साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
थाना सारन पुलिस ने 17 नवंबर 2017 को चार आरोपियों विनोद, बंटी, इमरान गाजी और प्रमोद को गिरफ्तार किया था। आरोपी एंबुलेंस में गांजा लेकर जा रहे थे। चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से 78 किलो गांजा बरामद किया था। आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वह आसाम से गांजा लेकर आते थे और यहां सप्लाई करते थे। आरोपियों ने बताया कि एंबुलेंस में सुरक्षित होने के कारण वह इसमें मादक पदार्थ लेकर चलते थे। रास्ते में एंबुलेंस को कोई चेक नहीं करता था। मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दूसरे मामले में थाना सूरजकुंड पुलिस ने पिछले साल 15 जनवरी को उबेद उल हक को डेढ़ किलो नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह की अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।