शादी कराने का झांसा देकर बुलंदशहर से बल्लभगढ़ लाए और हत्या कर दी
फरीदाबाद। सेक्टर-62 रेलवे लाइन के पास दो दिन पहले हत्या कर फेंके गए बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश निवासी सुखबीर के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस की क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मृतक के गांव के ही रहने वाले हैं और शादी करवाने का झांसा देकर उसे यहां लाए थे। हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक की जेब में रखे 37 हजार रुपये निकाल कर आधे-आधे बांट लिए थे। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
20 जून को थाना शहर बल्लभगढ़ पुलिस ने सेक्टर-62 रेलवे लाइन के पास एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। मृतक के सिर व चेहरे पर गंभीर चोट थी। आशंका जताई जा रही थी कि सिर में चोट मारकर हत्या की गई है। इसके अलावा गले पर भी निशान थे। जांच के दौरान मृतक की पहचान गांव हसनपुर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश निवासी सुखबीर के रूप में हुई। सुखबीर के भाई रमेश पाल ने इस मामले में गांव के ही छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ को सौंपी गई। डीएलएफ प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने बताया कि मामले की जांच में सामने आया कि हत्या में गांव के ही अंकुर व मोनू का हाथ है। पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
क्राइम ब्रांच प्रभारी के अनुसार, सुखबीर की पत्नी की मौत हो चुकी है और उसने हाल ही में अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचा था। मोनू और अंकुर की नजर उसके पैसों पर थी। वे पिछले करीब 15 दिन से सुखबीर को मारने की योजना तैयार कर रहे थे। गत 19 जून को दोनों सुखबीर को शादी करवाने का झांसा देकर अपने साथ बल्लभगढ़ ले आए। यहां मोनू सुखबीर व अंकुर को अपने साले सुरेश के किराए के मकान में ले गया। रात को सभी ने शराब पी और सो गए। रात को करीब 11.30 बजे अंकुर और मोनू सुरेश को कुछ भी बताए बगैर सुखबीर को अपने साथ ले गए। रेलवे लाइन के पास दोनों ने गमछे से सुखबीर का गला घोंट कर हत्या कर दी और फिर पत्थर से सिर व चेहरे पर वार कर पहचान मिटाने का प्रयास किया।
डीसीपी क्राइम लोकेंद्र सिंह ने बताया कि हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों ने सुखबीर की जेब में रखे 37 हजार रुपये व मोबाइल फोन निकाल लिया। दोनों ने रुपये आधे-आधे बांटे और पलवल, जेवर के रास्ते होते हुए अपने गांव चले गए। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस इनसे सुखबीर का मोबाइल फोन, पैसे व वह साफी बरामद करेगी, जिससे गला दबाकर हत्या की गई थी।