गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बृहस्पतिवार रात मोटरसाइकिल सवार बदमाश एक ट्रांसपोर्टर के चालक पर हमला कर कार लूट कर ले गए। चालक अपने मालिक को गुरुग्राम छोड़कर वापस दिल्ली जा रहा था। कार लूट की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे कार मालिक ने ग्लोबल पोजिशनिंग सर्विस (जीपीएस) युक्त चाबी से कार का इंजन बंद कर दिया। जीपीएस की मदद से तलाश करने पर कार डबुआ कॉलोनी में लावारिस हालत में खड़ी मिली। पीड़ित ने सूरजकुंड थाना पुलिस में इसकी शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सरिता विहार, दिल्ली निवासी अरुण कुमार नेहरू प्लेस, दिल्ली स्थित एक ट्रांसपोर्टर के पास काम करता है। बृहस्पतिवार रात को अरुण अपने मालिक गुरमीत सिंह को गुरुग्राम छोड़ने गया था। गुरमीत सिंह को वहां छोड़कर वह उनकी कार लेकर दिल्ली जा रहा था। अरुण ने बताया कि रात करीब सवा 11 बजे फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर हनुमान मंदिर से थोड़ा आगे वह कार साइड लगाकर लघु शंका करने लगा। इसी दौरान काले रंग की एक मोटरसाइकिल पर आए चार युवकों ने उस पर रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद एक बदमाश बाइक लेकर फरार हो गया, जबकि तीन उसकी कार लूट कर ले गए। उसका पर्स व मोबाइल फोन भी कार में ही रखा था।
उसने वहां से गुजर रहे एक टैक्सी चालक से मदद मांगी और उसके फोन से अपने मालिक व परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर थोड़ी देर बाद गुरुग्राम से गुरमीत सिंह व सरिता विहार से उसके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। अरुण के अनुसार, गुरमीत सिंह ने पुलिस को भी घटना की सूचना दे दी थी। इस पर कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी और जांच पड़ताल शुरू कर दी।
जीपीएस युक्त चाबी से बंद किया इंजन
अरुण ने बताया कि कार में जीपीएस लगा हुआ था। उसकी एक चाबी कार में ही थी, जबकि दूसरी चाबी उनके मालिक के पास थी। गुरमीत सिंह ने जीपीएस युक्त दूसरी चाबी से कार का इंजन बंद कर दिया। उसके बाद पुलिस को साथ लेकर जीपीएस की मदद से कार की तलाश शुरू की। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे कार डबुआ कॉलोनी में लावारिस हालत में खड़ी मिली। कार में रखा अरुण का पर्स और मोबाइल फोन गायब था। जीपीएस की मदद से इंजन बंद हो जाने के कारण वह स्टार्ट नहीं हुई। इस पर क्रेन से टोचन करवाकर वे उसे दिल्ली लेकर पहुंचे और जीपीएस लगाने वाली कंपनी कर्मचारियों को बुलाकर उसको खुलवाया। अरुण ने बताया कि उसने पुलिस में इसकी शिकायत दे दी है।