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दलाल की फरारी को सजी थी फिल्डिंग, 7 गिरफ्तार

Mon, 29 Oct 2018 10:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद के मनजीत महाल गिरोह के शार्प शूटर विकास दलाल को भगाने के लिए बीके सिविल अस्पताल के अंदर और बाहर पूरी फिल्डिंग सजाई गई थी। घटना वाले दिन बीके अस्पताल में हथियारों से लैस 8 बदमाश मौजूद थे। यदि कोई पुलिस की गिरफ्त से छूटकर भाग रहे विकास को रोकने का प्रयास करता या फिर पुलिस के साथ सामना होता तो सभी ताबड़तोड़ फायरिंग करने के लिए तैयार थे। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 व सेक्टर-85 की संयुक्त टीम ने 7 बदमाशों को गिरफ्तार कर इसका खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही विकास दलाल भी उनकी गिरफ्त में होगा।

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विकास दलाल को भगाने में पुलिस ने गांव छपरौला, पलवल निवासी संदीप, गांव रोहना, मुजफ्फरनगर-उत्तर प्रदेश निवासी आशीष, गांव कसौली, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश निवासी कविंदर, गांव हताना, मथुरा निवासी सोहन सिंह उर्फ सोनू, पलवल निवासी प्रशांत उर्फ सोनू, गांव बहराणा, झज्जर निवासी प्रदीप उर्फ धोला और गांव नंगला सिरौली, मथुरा निवासी हाशिम को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से पांच तमंचे, चोरी की मोटरसाइकिल, टोयोटा कोरोला और एक स्विफ्ट गाड़ी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, यहां से मोटरसाइकिल पर सोनीपत निवासी सोहित और सोहन सिंह के साथ विकास फरार हुआ था। तीनों ने तिकोना पार्क में मोटरसाइकिल छोड़ दी थी और फिर वे टोयोटा कोरोला कार लेकर खड़े संदीप के साथ मथुरा, उत्तर प्रदेश फरार हो गए थे। उत्तर प्रदेश से विकास के हिमाचल प्रदेश की तरफ भागने की आशंका जताई जा रही है। पूछताछ के दौरान संदीप ने बताया कि सभी आरोपी तीन दिन पहले ही फरीदाबाद आ गए थे और बीके अस्पताल की रेकी की थी।
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मुजफ्फरनगर से मथुरा तक से बुलवाए थे बदमाश
डीसीपी क्राइम लोकेंद्र सिंह ने बताया कि विकास दलाल को भगाने में गांव छपरौला, पलवल निवासी संदीप ने पूरी योजना तैयार की थी। संदीप को हत्या के मामले में 20 साल की सजा हो चुकी है। वर्ष 2007 में गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल में संदीप और विकास की मुलाकात हुई थी। उसके बाद से दोनों दोस्त बन गए थे। पुलिस के अनुसार, जेल से पेशी पर जाने के दौरान संदीप अक्सर विकास से मिलने आता था। इस दौरान ही दोनों में बातचीत हुई और विकास को भगाने की योजना तैयार की गई थी। मथुरा से गिरफ्तार हाशिम ने वारदात के लिए हथियार उपलब्ध करवाए थे।

जबकि वारदात में शामिल अन्य लोगों का इंतजाम संदीप व सोनीपत जेल में बंद इनामी बदमाश झज्जर निवासी प्रदीप उर्फ धोला ने किया था। वारदात में शामिल आशीष और कविंदर पहली बार किसी वारदात में शामिल हुए हैं, जबकि सोहन सिंह के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज है। आशीष और कविंदर पहली वार किसी वारदात में शामिल हो रहे थे। ऐसे में उन्हें मिर्ची स्प्रे पकड़ाया गया था। दोनों से जब संदीप ने पूछा था कि कर लोगे तो दोनों ने जवाब दिया था कि साउथ की बहुत सारी फिल्में देखी हैं, आराम से काम हो जाएगा।

सेवाराम की हत्या करना चाहता है विकास
क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप मोर ने बताया कि गांव रेवाड़ी खेड़ा निवासी विकास दलाल ने अपने ही गांव के अमित की पुरानी रंजिश के कारण हत्या कर दी थी। हत्याकांड में उसका भाई सेवाराम मुख्य गवाह है। अमित हत्याकांड में वह गवाही नहीं चाहता है और तीन बार पहले भी उस पर हमला करवा चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि सेवाराम की हत्या के लिए ही विकास जेल से फरार हुआ है।

ये था मामला
झज्जर निवासी कुख्यात बदमाश विकास दलाल मनजीत महाल गिरोह का शार्प शूटर है। इस साल मई में विकास को तिहाड़ जेल, दिल्ली से नीमका जेल में स्थानांतरित किया गया था। 8 अक्तूबर को दांत में दर्द होने की शिकायत पर वह बीके सिविल अस्पताल में जांच करवाने लाया गया था। जांच के बाद वह जेल वैन प्रभारी एएसआई सुनील का हाथ छुड़ाकर भाग निकला। पुलिसकर्मी ने उसका पीछा किया तो अस्पताल में मौजूद उसके साथी फायर कर उसे अपने साथ भगा ले गए थे।

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