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करोड़ों रुपये के लेन देन के विवाद में पार्टनर ने ही कर दी थी ब्रह्मजीत की हत्या

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फरीदाबाद/पलवल। बहुचर्चित बुढै़ना हत्याकांड में फांसी की सजा से बरी होने वाले सेक्टर-15 निवासी ब्रह्मजीत (54) की उसके ही पार्टनर राजीव भाटी ने करोड़ों रुपये के लेन-देन के विवाद में अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ मिलकर हत्या कर दी। गत 27 फरवरी से ब्रह्मजीत लापता था। आरोपियों ने उसी दिन उसकी गोली मारकर हत्या कर उसका शव होडल में मुंडकटी इलाके में करीब 20 फुट गहरे गड्ढे में दबा दिया था। मामले की जांच में जुटी एसआईटी को राजीव भाटी के खिलाफ सबूत मिले तो पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने राजीव भाटी और उसकी महिला मित्र स्वाती सेठी को गिरफ्तार कर अदालत से सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
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मूलरूप से गांव बुढ़ैना निवासी ब्रह्मजीत पिछले काफी समय से सेक्टर-15 में रह रहा था। गत 27 मार्च को करीब 9 बजे ब्रह्मजीत अपनी फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर सेक्टर-10 में अपने भाई से मिलने के लिए निकला था। भाई से मिलकर वह करीब 9.30 बजे सेक्टर-10 से निकल गया था। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन उसकी फॉर्च्यूनर कार लावारिस हालत में मिलन रेस्टोरेंट के पास खड़ी मिली थी। पुलिस ने उसके लापता होने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस दौरान ब्रह्मजीत के परिजनों ने मामले की जांच में तेजी लाने के लिए पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो से मुलाकात की। इस पर उन्होंने एसीपी सराय ख्वाजा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया, जिसमें निरीक्षक सतेंद्र रावल, निरीक्षक अशोक कुमार, साइबर एक्सपर्ट उपनिरीक्षक नरेंद्र शर्मा व उपनिरीक्षक अनिल कुमार को रखा गया। जांच के दौरान पुलिस को ब्रह्मजीत के पार्टनर पलवल निवासी राजीव भाटी पर शक हुआ। पुलिस ने उस पर नजर रखनी शुरू की। इस दौरान पुलिस ने जब राजीव से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी।

कार में गोली मारकर कर दी थी हत्या
डीसीपी क्राइम सुखबीर सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पूछताछ में राजीव ने पुलिस को बताया कि 27 फरवरी को उसने ब्रह्मजीत को एक प्लॉट की डील के बहाने बुलाया। उसके साथ उसकी एकाउंटेंट व गर्ल फ्रेंड स्वाती सेठी भी साथ थी। सेक्टर-11 से तीनों राजीव की कार में बैठकर पलवल की तरफ चल दिए। रास्ते में राजीव ने कार रोक दी और पीछे की सीट पर आकर बैठ गया। कार स्वाती चलाने लगी। वह ब्रह्मजीत को लेकर होडल के मर्रोली रोड स्थित ईट भट्टों पर ले गया और वहां उसके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। ईट भट्टों के पास ही राजीव भाटी प्लॉटिंग करवा रहा है। उसने वहां पहले से खुदवा रखे एक गड्ढे में उसका शव डालकर उसे मिट्टी से भरवा दिया था। बाद में उसने अपनी लाल रंग की ब्रेजा कार को राजस्थान में जाकर जला दिया था ताकि पुलिस को सबूत न मिलें। मामले को सुलझाने में साइबर एक्सपर्ट उपनिरीक्षक नरेंद्र शर्मा की अहम भूमिका रही।
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क्यों चर्चित है ब्रह्मजीत
बुढ़ैना गांव निवासी हरपाल और ब्रह्मजीत में गहरी दोस्ती थी। वर्ष 1997 में पार्किंग के ठेके लेने को लेकर दोनों में विवाद हो गया, जोकि खूनी संघर्ष में बदल गया था। उनका झगड़ा इतना बढ़ा कि हत्याओं का दौर शुरू हो गया। इसमें नौ लोगों की हत्या हुई थी। वर्ष 1998 में हुए चौहरे हत्याकांड में ब्रह्मजीत सहित कई लोगों को जिला अदालत ने वर्ष 2005 फांसी की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ ब्रह्मजीत वगैरहा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने पुर्नविचार के लिए जिला अदालत में भेज दी थी। इस मामले में 16 नवंबर 2013 को जिला अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
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