फरीदाबाद में दशहरा पर्व से एक दिन पहले सेक्टर-37 में प्रॉपर्टी डीलर हेमराज पर हमले की साजिश नीमका जेल में रची गई थी। नीमका जेल में बंद गांव खेड़ीकलां निवासी टेकचंद ने ही हेमराज पर हमला करवाया था ताकि वे उसके खिलाफ गवाही न दे सके। गनीमत रही कि गोली हेमराज के पैर में लगी और वह बच गया।
पुलिस ने नीमका जेल में बंद टेकचंद को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर उससे पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि टेकचंद ने जेल से ही हेमराज को मरवाने की साजिश रची थी और इस हमले में उसके साथियों का हाथ है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। सोमवार को रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने टेकचंद को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
सेक्टर-37 हुडा मार्केट के नजदीक प्रॉपर्टी डीलर हेमराज का कार्यालय है। 18 अक्तूबर की शाम वह अपने पड़ोसी के साथ उसकी दुकान में बैठा था। इस दौरान वहां एक कार में सवार पांच-छह युवक पहुंचे और उन्होंने हेमराज पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। हेमराज पर यह तीसरा जानलेवा हमला था। उसके पैर में गोली लगी थी।
घायलावस्था में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। करीब पांच माह पहले हुए गांव खेड़ी कलां निवासी अशोक हत्याकांड में भी हेमराज का नाम आया था। उस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को हेमराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हेमराज पर हुए हमले में पुलिस का शक टेकचंद गिरोह पर था।