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फर्जी ई-वे बिल से जीएसटी विभाग को 6 करोड़ का चूना

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फर्जी ई-वे बिल से जीएसटी विभाग को 6 करोड़ का चूना

फरीदाबाद। ई-वे बिल में फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है। तिगांव की एक कंपनी ने फर्जी कागजों के आधार पर जीएसटी विभाग को करीब 6 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। मामला सामने आने के बाद विभाग ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवा कार्रवाई शुरू कर दी है।
तिगांव स्थित राधे इंटरप्राइजेज में स्क्रैप का काम होता है। जीएसटी विभाग को जानकारी मिली कि कंपनी फर्जी कागजों पर ई-वे बिल काट रही है। इसके बाद विभाग अधिकारी हरकत में आए और इसकी जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि कंपनी मालिक रवि किसी मुकेश नाम के व्यक्ति पर जीएसटी आईडी पर ई-वे बिल जनरेट कर रहा है। यह काम वह लगभग एक साल से करता आ रहा था। आरोपी अपने माल की सप्लाई देश के अलग-अलग राज्यों में दिखाता है। सबसे ज्यादा सप्लाई दिल्ली, देहरादून और जयपुर में दिखाई गई। अधिकारियों ने इन राज्यों में जाकर जांच की तो पता चला कि जिस कंपनी के नाम पर ई-वे बिल काटे गए हैं, इस नाम से कोई कंपनी ही नहीं है। विभाग ने तुरंत प्रभाव से कंपनी का बैंक अकाउंट सील कर दिया। ताकि उससे पैसों की कोई ट्रांजेक्शन नहीं की जा सके। साथ ही जांच कार्रवाई तेज कर दी है।
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वर्जन
राधे इंटरप्राइजेज, तिगांव पिछले काफी समय से फर्जी दस्तावेज पर ई-वे बिल काट रही है। कंपनी ने विभाग को करीब 6 करोड़ रुपये के टैक्स का चूना लगाया है। पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है। विभाग की ओर से जगह-जगह छापेमारी की जा रही है, जिससे की इस मामले की तह तक जाया जा सके और दोषियों को जीएसटी एक्ट के तहत सजा दिलाई जा सके।
- आरआर नैन, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त, जीएसटी विभाग
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