कारोबारी ने गोली मार कर की आत्महत्या
फरीदाबाद। सेक्टर 23 में रहने वाले कारोबारी महेंद्र गुप्ता (50) ने बृहस्पतिवार सुबह अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से सिर में गोली मार कर आत्महत्या कर ली। मृत घोषित किए जाने के बाद शव ले जाने पर अड़े परिजनों को एस्कार्ट्स फोर्टिस अस्पताल कर्मचारियों ने रोका तो तनाव की स्थिति पैदा हो गई। कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। खुदकुशी के पीछे करीब 65 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है।
सेक्टर 16ए में रहने वाले जीजा अनिल अग्रवाल ने बताया कि महेंद्र बुधवार शाम को उनके घर आया था। रात ज्यादा होने की वजह से उन्होंने महेंद्र को घर पर रोक लिया था। सुबह सोकर उठने के बाद दोनों में कुछ खास बात नहीं हुई और महेंद्र अपने घर चला गया। थोड़ी देर बाद सूचना मिली की महेंद्र ने दाईं कनपटी पर गोली मार ली है।
परिजन लहूलुहान महेेंद्र को लेकर नीलम बाटा रोड स्थित एस्कार्ट्स फोर्टिस अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया तो परिजन शव ले जाने लगे। डॉक्टरों ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम होगा, इस पर परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव ले जाने की जिद करने लगे। इस दौरान अस्पताल से कोतवाली पुलिस को फोन कर दिया गया। पुलिस के पहुंचने तक परिजन अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाते रहे। मौके पर पहुंचे एसएचओ इंस्पेक्टर प्रीतपाल सांगवान ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और एसएचओ मुजेसर को घटना की सूचना दी। एसएचओ मुजेसर थाना इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया है। सुसाइड नोट का अध्ययन अभी नहीं किया जा सका है, तफ्तीश की जा रही है।
सुसाइड नोट में दो नाम
नरेंद्र कुमार ने डायरी के एक पेज में छोटा सा सुसाइड नोट लिखा है। इसमें उन्होंने किसी अशोक सम्भालिया को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा है कि इस व्यक्ति की वजह से उनका और उनके परिवार का जीवन मुश्किल हो गया है। लिखा है कि 2005 में बंगाल से फरीदाबाद आकर इसने मेरा बहुत नुकसान किया है। इसके अलावा सुसाइड नोट में नमो फोर्जिंग प्राइवेट लिमिटेड के नरेंद्र अग्रवाल का भी नाम लिखा है। अंत में महेंद्र गुप्ता ने उनका और उनके परिवार का जीवन मुश्किल होने की बात लिखी है।