विदेश में नौकरी के नाम पर पौने पांच लाख की ठगी, चार गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। विदेशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के चार बदमाशों को पुलिस के साइबर सेल ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी नौकरी दिलवाने वाली एक ऑनलाइन साइट से लोगों का डाटा चोरी कर उनसे संपर्क करते थे। किसी को शक न हो इसके लिए आवेदनकर्ताओं का फर्जी इंटरव्यू लिया जाता था और फिर उसके बाद शुरू होता था पैसे हड़पने का खेल। पुलिस ने इनके पास से 2.80 लाख रुपये, 31 मोबाइल फोन व विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
पिछले दिनों भीकम कॉलोनी, बल्लभगढ़ निवासी सतेंद्र कुमार ने थाना शहर बल्लभगढ़ में मामला दर्ज करवाया था कि अक्तूबर 2017 में उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को एक प्लेसमेंट एजेंसी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि सिंगापुर स्थित एक कंपनी में जगह खाली है। अगर वे इच्छुक हैं तो रजिस्ट्रेशन करवा कर प्रोसेस शुरू किया जा सकता है। सतेंद्र कुमार ने 2500 रुपये देकर रजिस्ट्र्रेशन करवा लिया। सतेंद्र ने उन्हें अपना बायोडाटा, फोटो व अन्य दस्तावेज मेल कर दिए। कुछ दिन बाद उनके पास दोबारा से प्लेसमेंट एजेंसी का फोन आया और फोन पर ही उनका इंटरव्यू लिया गया। इसके बाद अलग-अलग समय पर उनसे कभी ट्रेनिंग तो कभी हवाई जहाज की टिकटों के नाम पर करीब 4.71 लाख रुपये जमा करवा लिए गए। इसके बावजूद जब नौकरी मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी तो सतेंद्र ने उन पर पैसे लौटाने का दबाव देने लगे। इस पर आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए थे।
एक साल से कर रहे थे फर्जीवाड़ा
मामले की जांच करते हुए साइबर सेल टीम ने गत 27 जनवरी को दिल्ली तुगलकाबाद निवासी रवि, संगम विहार निवासी विवेक, लेखराज उर्फ दीपक व विवेक चौहान को गिरफ्तार किया। चारों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई तो इन्होंने बताया कि वे पिछले करीब एक साल से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। ये लोग ऑनलाइन प्लेसमेंट साइट से बेरोजगार लोगों का डाटा उठाते थे और फिर उन्हें नौकरी दिलवाने के नाम पर फोन कर ठगते थे। आरोपी अब तक सिरसा, गुरुग्राम व राजस्थान के कोटा शहर के लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
बदल लेते थे नंबर और जगह
पुलिस से बचने के लिए शातिर दिमाग आरोपी थोड़े थोड़े दिनों में अपना मोबाइल नंबर व ठिकाना बदल लेते थे। अब तक ये लोग अपना ऑफिस मोहन कॉपरेटिव, तुगलकाबाद व संगम विहार में बदल चुके हैं और नए ऑफिस के लिए जगह की तलाश कर रहे थे। आरोपी दूसरों के नाम पर खाते खुलवाते थे और एटीएम की मदद से उसमें से रुपये निकालते थे।