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फिर पहुंची सीबीआई टीम, एक घंटे की पड़ताल

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फिर पहुंची सीबीआई टीम, एक घंटे की पड़ताल
बल्लभगढ़। गांव सागरपुर निवासी हरियाणा पुलिस के एएसआई महावीर सिंह की आत्महत्या के मामले में शुक्रवार को भी सीबीआई टीम ने आईएमटी चौक के पास आगरा नहर की पटरी का मौका मुआयना किया। यहीं पर एएसआई महावीर परिजनों को जहर खाने के बाद गंभीर हालत में मिला था और वे उसे अस्पताल ले गए थे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। चंडीगढ़ से आए सीबीआई अधिकारी डीएस देसवाल ने वहीं पर महावीर सिंह के चचेरे भाई व एक अन्य रिश्तेदार से पूछताछ भी की।
इस दौरान टीम ने दोनों से घटना के बारे में जानकारी मिलने, एएसआई महावीर के परेशान रहने और अधिकारियों को रिश्व के पैसे देने के बारे में सवाल किए। टीम करीब एक घंटा वहां रही और फिर लौट गई। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने गुरुग्राम में तैनात हरियाणा पुलिस के एक तत्कालीन डीसीपी सहित 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एएसआई महावीर सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर उसमें जांच शुरू कर है।
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गुरुग्राम के सदर थाने में तैनात एएसआई महावीर सिंह ने 28 अप्रैल 2016 को आगरा नहर के किनारे जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। एएसआई के मोबाइल फोन के व्हाट्सएप में छह पेज का सुसाइड नोट भी मिला था। बाद में यह सुसाइड नोट घर की अलमारी में भी मिल गया था। एएसआई ने अपने सुसाइड नोट में गुरुग्राम में तत्कालीन डीसीपी ट्रैफिक विनोद कौशिक, तत्कालीन डीएसपी विजिलेंस सत्या, डीएसपी आत्माराम के अलावा तत्कालीन एसएचओ जगदीश प्रसाद, एसएचओ हरदीप हुड्डा, एसएचओ बाबू लाल, अकाउंटेंट पवन, मुंशी कुलवंत, एएसआई विकास, विकास का छोटा भाई विजय को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। सुसाइड नोट में महावीर सिंह ने उक्त अधिकारियों पर गलत तरीके से दबाव डाल कर काम कराने, लाखों रुपये लेने और फिर विभागीय जांच खोलने का आरोप लगाया था।
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टाइम लाइन
9.08 मिनट - सीबीआई टीम आईएमटी पुल पर पहुंची
9.15 मिनट - टीम नहर के साथ लगते मौके पर पहुंची जहां एएसआई महावीर ने जहर खाने के बाद बेहोशी की हालत में मिला था।
9.25 मिनट - निरीक्षक डीएस देसवाल ने वहीं खड़ी पुलिस जिप्सी में महावीर सिंह के चचेरे भाई राजपाल के साथ अकेले में पूछताछ की।
9.48 मिनट - निरीक्षक डीएस देसवाल ने महावीर सिंह के रिश्तेदार दयाचंद से जिप्सी में अकेले पूछताछ की।
9.55 मिनट - सीबीआई दोबारा से महावीर के रिश्तेदारों के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
10.05 मिनट - टीम वापस चली गई।

परिजनों ने की आरोपियों को सस्पेंड करने की मांग
एएसआई महावीर सिंह के छोटे भाई राजपाल व मामा ससुर महेंद्र सिंह ने इस मामले में आरोपी सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की है। उनका कहना है कि महकमे के छोटे मुलाजिम के खिलाफ कोई मामला दर्ज होने पर उसे तुरंत सस्पेंड कर दिया जाता है। मगर यहां तो मामला दर्ज होने के बाद हाईकोर्ट ने जांच के लिए सीबीआई जांच के आदेश कर दिए, उसके बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इनमें डीएसपी सत्या सेवानिवृत्त हो गई हैं, बाकी सभी पुलिसकर्मी अभी भी प्रदेश में कहीं न कहीं तैनात हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने सरकार से आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की है।
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