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फ्लैग: फाइनेंस कार्यालय में संदिग्ध हालात में गोलियां चलीं:

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फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में चलीं गोलियां; युवक की मौत, युवती घायल
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फरीदाबाद। एनआईटी-5 ई स्थित लॉर्ड शिवा फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में रविवार को संदिग्ध हालात में गोलियां चलने से कर्मचारी लोकेश की मौत हो गई, जबकि उसकी महिला सहकर्मी साक्षी गोली लगने से घायल हुई। साक्षी ने पुलिस को बताया कि लोकेश ने पहले उसे गोली मारी और फिर खुद को शूट कर लिया। उधर, पुलिसकर्मियों के मुताबिक घायल लोकेश ने अस्पताल ले जाते समय साक्षी पर उसे गोली मारने का आरोप लगाया। लोकेश ने आत्महत्या की या उसकी हत्या की गई पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
एनआईटी-5 निवासी सचिन ने ई ब्लॉक में लॉर्ड शिवा फाइनेंस नाम से कंपनी खोल रखी है। उनकी कंपनी में पर्वतिय कॉलोनी निवासी लोकेश और सारन निवासी साक्षी जॉब करते हैं। साक्षी के मुताबिक रविवार दोपहर लोकेश ले उसे फोन कर कार्यालय बुलाया था कि कोई 50-60 लाख रुपये लोन के क्लाइंट आने वाले हैं उनसे डील करनी है। साक्षी के अनुसार, जब वह कार्यालय पहुंची तो वहां लोकेश के अलावा दो तीन क्लाइंट और मौजूद थे। सौदा नहीं पटा तो क्लाइंट चले गए। वह भी जाने के लिए उठी तो कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद पाया। उसने नाराजगी जताते हुए लोकेश से दरवाजा बंद होने का कारण पूछा तो आरोप है कि लोकेश ने पिस्टल निकाल कर सामने रख दी और किसी को फोन करने पर गोली मारने की धमकी दी।
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साक्षी की दोस्ती रिंकू नाम के युवक से है। युवती का आरोप है कि बंधक बनाने के बाद लोकेश उसे धमकाता रहा कि वह रिंकू से दोस्ती छोड़ दे वरना उसे गोली मार देगा। वह काफी देर रोती रही और बचाव के लिए रिंकू को फोन कर दिया। फोन करते ही लोकेश को गुस्सा आ गया उसने पहले साक्षी को गोली मारी फिर खुद को शूट कर लिया। लोकेश के जमीन पर गिरते ही युवती ने बचाव के लिए बाहर भागने का प्रयास किया। उसने लोकेश की पिस्टल से ही कार्यालय का शीशे का दरवाजा तोड़ा और बाहर निकली। बाहर दोस्त रिंकू मिला और उसे एनआईटी पांच स्थित सूर्या अस्पताल ले गया जहां से उसे एस्कॉट्स फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया। एसएचओ एनआईटी ने बताया कि युवती के बयान के आधार मामले की तफ्तीश की जा रही है। मृतक लोकेश के परिजन जो तहरीर देंगे रिपोर्ट दर्ज कर जांच की दिशा तय की जाएगी।
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रिंकू और साक्षी के बयान से निकलेगा सच
रिंकू के दोस्त अजय ने पुलिस को बताया कि साक्षी ने रिंकू को फोन कर बताया था कि उसे सूर्या आर्थो के सामने कार्यालय में बंधक बना लिया गया है। साक्षी ने एक दो बार और फोन कर रिंकू को अपनी लोकेशन बताने का प्रयास किया। अजय के मुताबिक वह और रिंकू एनआईटी पांच सूर्या आर्थो के सामने स्थित होटल महाराजा में भी घुस कर साक्षी को तलाश करते रहे लेकिन वह नहीं मिली। थोड़ी देर में साक्षी का फोन आया कि उसे गोली लगी है, जब वह लोग दोबारा पहुंचे तो साक्षी लहूलुहान हालत में सूर्या ऑर्थो अस्पताल के पास खड़ी मिली, उसे तुरंत ही अस्पताल पहुुंचाया। साक्षी ने पुलिस को बताया कि लोकेश ने उसे धमकी दी थी कि यदि किसी को फोन किया तो वह गोली मार देगा जबकि अजय ने पुलिस को बताया कि साक्षी ने रिंकू को फोन कर उसके बंधक बनाए जाने की बात बताई थी, इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बात हुई। यदि ऐसा था तो लोकेश ने पहली बार ही फोन करने पर साक्षी को गोली क्यों नहीं मारी। साक्षी और रिंकू अच्छे दोस्त हैं, ऐसे में यह मुमकिन नहीं कि रिंकू को साक्षी के कार्यालय की लोकेशन की जानकारी न हो। बावजूद इसके वह कार्यालय से करीब सौ मीटर दूर होटल महाराजा और सूर्या ऑर्थो हॉस्पिटल के पास ही साक्षी को क्यों ढूंढता रहा कार्यालय क्यों नहीं गया पुलिस को इसका जवाब ढूंढना होगा। घायल साक्षी का आत्म विश्वास के साथ बयान देना भी पुलिस केक लिए संदेह पैदा कर रहा है, पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस व्यक्ति को गोली लगी हो वह घंटो तक सदमे से नहीं उबर पाता।
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