- लोगों को अभी तक नहीं है कार्ड बनने की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कार्ड तो बन रहा है, शायद आयुष्मान, ज्यादा पता नहीं है। टीवी और मोबाइल पर देखा है। शायद इससे बीमारी में इलाज होता है, लेकिन ये कार्ड कहां बनता है, ये नहीं जानते, ड्यूटी वाले लोग कहां भटके.. दुकानों पर अप्लाई करने के 100-200 रुपये मांगते हैं। चिरायु कार्ड के बारे में पूछने पर सेक्टर-24 निवासी मीरा ने कुछ ऐसा जवाब दिया। शहर में कई ऐसी मीरा हैं, जिन्हें सरकार की महत्वकांक्षी योजना की जानकारी नहीं है। काफी जागरूकता के बाद भी जिले के ज्यादातर लोगों को अभी तक आयुष्मान या चिरायु कार्ड बनने की सही जानकारी नहीं है। आलम यह है कि जिले में अभी तक केवल 48 फीसदी जरूरतमंदों के ही कार्ड बन सके हैं। इस मामले में जिला प्रदेश में 21वें स्थान पर है।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए शुरू की गई सरकार की महत्वाकांक्षी योजना चिरायु जिले में कमजोर दिखाई दे रही है। उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आयुष्मान और चिरायु कार्ड बनवाने के लिए लोग भटक रहे हैं। जिले के काफी लोगों के चिरायु कार्ड अभी तक नहीं बन सके हैं। कार्ड नहीं बनने का एक बड़ा कारण लोगों में जानकारी का अभाव है, इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग भी कोई ठोस कदम उठाते नहीं दिखाई दे रहा है। जिससे कार्ड बनाने की प्रक्रिया धीमी हो गई है।
50 फीसदी भी नहीं बन पाए
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए कार्ड बनाए जा रहे हैं। शहर में चिरायु योजना के तहत कार्ड बनवाने का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। प्रदेश में अभी तक सबसे ज्यादा महेंद्रगढ़ में कार्ड बने हैं। वहीं स्मार्ट सिटी इस मामले में 21वें स्थान पर है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक आयुष्मान व चिरायु योजना के तहत जिले में करीब 6,15,498 कार्ड बनने थे, लेकिन आयुष्मान के तहत केवल 96413 लोगों के कार्ड बन पाए हैं। वहीं चिरायु योजना के तहत 249341 कार्ड बन सके हैं, जबकि 615498 का टारगेट रखा गया था। प्रदेश में 21वें स्थान पर फरीदाबाद, 22वें पर मेवात, 20वें पर गुरुग्राम है।
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अधिकारी से बातचीत
कार्ड बनवाने का तरीका बेहद आसान है, लोग अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से निशुल्क जानकारी व लिस्ट में नाम की जांच करा सकते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूकता शिविरों के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।
-डॉ. विशाल सक्सेना, जिला नोडल अधिकारी
लोगों से बातचीत
कार्ड बनवाने के लिए सीएससी सेेंटर पर जाओ तो पैसे मांगते हैं। बीके अस्पताल के कई चक्कर काटने के बाद भी कार्ड नहीं बन पाया, थक हारकर छोड़ दिया।
-भारती, जीवन नगर
आयुष्मान कार्ड के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, बीके अस्पताल में कई बार पता किया। कर्मचारी बोलते हैं कि तुम्हारा नाम लिस्ट में नहीं है, ऐसे में परेशानी हो रही है। बच्चे छोटे हैं, बार-बार चक्कर भी नहीं काट सकती।
-प्रियंका शर्मा, पल्ला