बल्लभगढ़-सोहना रोड पर दो लेन का नया आरओबी बनने से 50 हजार लोगों को मिलेगी राहत
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री मनोहरलाल घोषणा के सात साल बाद भी बल्लभगढ़-सोहना रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को सरकार की मंजूरी का इंतजार है। तीन माह से सरकार के पास फाइल अटकने के कारण निर्माण कार्य शुरू होने में बाधा आ रही है। जिससे एनआईटी के करीब 50 हजार लोगों को भारी जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। खास बात यह कि सीएम स्वयं दो बाद इस आरओबी को चार लेन करने की घोषणा कर चुके हैं। उसके बाद अभी तक काम अटका है।
बल्लभगढ़-सोहना आरओबी अभी दो लेन का है, जिससे हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। संकरा होने के कारण सुबह-शाम लंबा जाम लगता है। इससे पांच मिनट का सफर तय करने में नौकरीपेशा लोगों को 20 से 25 मिनट लग जाते हैं। इस आरओबी को चार लेन बनाने की घोषणा सात साल पहले वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बड़खल विधानसभा क्षेत्र में आयोजित प्रगति रैली में की थी। लेकिन, इसके बाद यह प्रोजेक्ट फाइलों में दब कर रह गया। जनवरी 2023 में मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद प्रवास के दौरान इस आरओबी को लेकर अधिकारियों से चर्चा की थी। जिसके बाद उन्होंने जल्द से जल्द आरओबी का निर्माण शुरू कराने के आदेश दिए। हरियाणा लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल द्वारा इसकी डिजाइन, लागत आदि की फाइल तैयार कर सरकार के समक्ष भेज दी गई। सूत्रों के अनुसार फाइल भेजे महीनों बीत गए हैं लेकिन अब तक सरकार से मंजूरी नहीं मिली है। कांग्रेसी नेता विजय प्रताप ने कहा कि भाजपा सरकार केवल घोषणाओं की सरकार है। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया जाता। यदि काम होते तो लोगों को इतनी दिक्कत नहीं होती। पूर्व विधायक ललित नागर ने कहा कि भाजपा सरकार की घोषणाओं के कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनका सालों बाद भी जमीनी स्तर पर कुछ अतापता नहीं है। जिसमें ग्रेटर फरीदाबाद में विज्ञान भवन, गुरुग्राम फरीदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट, अंतरराष्ट्रीय राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम समेत अन्य कार्य अधूरे हैं।
पांच विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ता है आरओबी
यह आरओबी पांच विधानसभा क्षेत्रों बल्लभगढ़, फरीदाबाद, पृथला, एनआईटी और बड़खल से जुड़ा हुआ है। आरओबी के आसपास औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण भी बड़े वाहन निकलते हैं तो जाम की स्थिति बन जाती है। मौके पर लोक निर्माण विभाग के पास जमीन कम है, इसलिए यहां पर आरओबी को चार लेन बनाना संभव नहीं था। सरकार ने बाधाओं को दूर करने के लिए निजी भू-स्वामियों से जमीन अधिग्रहण करने के लिए तत्कालीन उपायुक्त जितेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी, जिसमें एसडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोक चंद, जिला राजस्व अधिकारी बिजेंद्र राणा, हरियाणा लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल के उपमहाप्रबंधक राहुल सिंह, तहसीलदार बल्लभगढ़ भूमिका लांबा शामिल थे। समिति ने निजी भू-स्वामियों से जमीन अधिग्रहण का सौदा तय करके सरकार को भेज दिया था। जिसे अभी मंजूरी का इंतजार है।
वर्जन
बल्लभगढ़-सोहना आरओबी की फाइल सरकार को भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण संबंधी आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- राहुल सिंह, उपमहाप्रबंधक, हरियाणा लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल