अपहरण मामले में सात आरोपी गिरफ्तार
मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में पलवल के गांव डराना के हर्ष, राहुल, महेश,गांव चंदावली से नरवीर, रेवाड़ी के गांव पिथड़ावास निवासी विनय (साला), गांव अलावलपुर निवासी धर्मेंद्र और राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव रिठोटी के योगेश उर्फ योगी का नाम शामिल हैं। एसआई अनिल कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हरिद्वार, देहरादून, चंडीगढ, मोहाली से गिरफ्तार किया। वहीं, राजकुमार को मोहाली से बरामद किया।
एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि आरोपी नरवीर फरीदाबाद के कोर्ट में और आरोपी विनय चंडीगढ़ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता है, दोनों अच्छे दोस्त हैं। नरवीर, विनय व धर्मेंद्र उर्फ धरमू को नया गांव मोहाली पंजाब से गिरफ्तार किया गया।
योजना के साथ किया अपहरण
मुख्य आरोपी विनय और नरवीर ने साजिश के तहत योगेश को नाम बदलकर राजकुमार के घर पर किराए पर रहने के लिए भेजा। आरोपी योगेश राजकुमार के घर मुकेश नाम से रह रहा था। योगेश राजकुमार से पहचान कराने के लिए धर्मेंद्र को एक दिन अपने साथ लेकर आया था। योगेश ने योजना के तहत राजकुमार को बताया कि उसका जानकार बैंक में प्रबंधक है। वह सेक्टर-16 ए से शिफ्ट होकर गुरुग्राम जा रहा है और घर का कुछ सामान बेचना चाहता है।
योगेश राजकुमार व उसकी दूसरी पत्नी को सोफा सस्ते में दिलाने का लालच देकर सेक्टर-16 लेकर आया था। आरोपी राजकुमार और उसकी पत्नी को सनफ्लैग अस्पताल के पीछे खड़ा करके चाबी लाने के नाम पर वहां से चला गया। धर्मेंद्र ने दोनों को पहचान लिया। उसने महिला को धक्का मारकर राजकुमार को गाड़ी में डाल लिया और वहां से फरार हो गया। क्राइम ब्रांच टीम ने आरोपी नरवीर, विनय व धर्मेन्द्र उर्फ धरमू से पूछताछ के बाद आरोपी योगेश उर्फ योगी को खेड़ी पुल से गिरफ्तार किया।
आरोपी नरवीर व धर्मेंद्र को मामले में पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। आरोपी विनय और योगेश को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों से पूछताछ के बाद आरोपी हर्ष, राहुल व महेश को कैली गांव से गिरफ्तार किया। आरोपियों से वारदात में प्रयोग गाड़ी और पिस्टल बरामद कर ली गई है। आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि हर्ष, राहुल महेश ने हरिद्वार घूमने का प्लान बनाया था, जिनको नरवीर ने 15 हजार रुपये दिए और राजकुमार को उठाकर हरिद्वार ले जाने को कहा। धर्मेन्द्र नरवीर का भांजा है और महेश धर्मेंद्र का साला है। आरोपी हर्ष, राहुल, महेश आपस में दोस्त हैं।
जमीन का है मामला
आरोपी विनय की बहन की शादी राजकुमार के साथ हुई थी। राजकुमार के दो बच्चे भी हैं। राजकुमार की चार एकड़ जमीन आईएमटी में चली गई थी, जिसके उसे काफी पैसे मिले थे। राजकुमार ने उन पैसों से आठ एकड़ जमीन और दो प्लॉट खरीदे थे। वह घर से बाहर किसी अन्य महिला के साथ रहने लगा। तब राजकुमार से आरोपी विनय की बहन के नाम सभी जमीन और पैसे करा लिए गए। सिर्फ दो प्लॉट राजकुमार के नाम पर हैं। अब उन दो प्ल़ॉट को लेकर झगड़ा चल रहा था। राजकुमार ने दूसरी महिला से कोर्ट में शादी कर ली थी। इसके लिए राजकुमार ने हाई कोर्ट से प्रोटेक्शन की फाइल लगा रखी थी। प्रोटेक्शन ना मिले इसके लिए आरोपी विनय और नरवीर ने योजना बनाकर राजकुमार का अपहरण कराया था।
योगेश को सुनाई जा चुकी है उम्रकैद की सजा
आरोपी योगेश से पूछताछ में सामने आया कि उस पर पहले भी हत्या का मामला दर्ज है। इसमें आरोपी को उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। आरोपी भरतपुर डींग अदालत से पैरोल पर आने के बाद अदालत से फरार चल रहा है। आरोपी ने सुपारी लेकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।