- दुपहिया वाहन प्रतिबंधित होने के बावजूद करते हैं एंट्री
- गांव शाहजहांपुर से होकर जाने वाले बाइक चालकों के अवैध कट को ग्रिल लगाकर किया बंद
हेमलता रावत
बल्लभगढ़। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे (केजीपी) पर बाइक चालकों के आवागमन पर पूर्णतया रोक लगाने के लिए कई जगहों पर ग्रिल लगा दी गई है। एक्सप्रेसवे पर बाइक चलाना प्रतिबंधित है, लेकिन लोग अवैध कटों से केजीपी पर पहुंच जाते थे, इसलिए यह कदम उठाया गया।
बल्लभगढ़ से हर रोज सैकड़ों की संख्या में लोग कारोबार समेत अन्य कार्य से कुंडली गाजियाबाद पलवल एक्सप्रेसवे के रास्ते यूपी व अन्य जगहों पर जाते हैं। इस एक्सप्रेस-वे पर दुपहिया वाहनों की एंट्री पूर्ण रूप से बंद है, लेकिन गांव मोटूका के पास बने टोल प्लाजा से दुपहिया वाहन चालक निकल जाते हैं। वह आसानी से एक्सप्रेस वे के रास्ते यूपी व नोएडा जाते हैं, इससे एक्सप्रेस वे पर सड़क हादसों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा यह निर्णय लिया गया कि एक्सप्रेस-वे पर कोई भी दुपहिया नहीं चलेगा। इसके कारण ही ग्रिल लगाकर अवैध कटों को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही गांव मोटूका टोल प्लाजा पर कर्मचारियों की संख्या को बढ़ा दिया गया है। यहां कर्मचारी सुबह से लेकर शाम तक दुपहिया वाहन चालकों को केजीपी के रास्ते जाने से रोकते हैं। इसको लेकर दुपहिया वाहन चालक और कर्मचारियों के बीच कहासुनी भी हो जा रही है।
अवैध कट हुआ बंद
केजीपी पर एंट्री बंद होने की वजह से दुपहिया वाहन करीब 5 से 6 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर गांव शाहजहांपुर के अवैध कट से केजीपी पर चढ़ते थे, जोकि काफी खतरनाक था। इसके बारे में जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को पता चला, तो एक्सप्रेस वे के सभी अवैध कट को पूर्ण तरह से बंद करते हुए लोहे की ग्रिल को लगा दिया गया है। अब इस रास्ते से भी दुपहिया वाहन नहीं जा पा रहे हैं। अब वह अन्य रास्ते के जरिए यूपी व नोएडा जा रहे हैं। उन्हें करीब 10 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
इस साल अब तक गई 18 लोगों की जान
इस साल अप्रैल तक केजीपी पर 38 सड़क हादसे हुए हैं। जिसमें से 18 लोगों की मौत हुई है, वहीं, 20 लोग घायल हुए हैं। केजीपी पर अक्सर बाइक सवार हादसे का शिकार होते हैं।
उच्च अधिकारियों की ओर से आया पत्र
कुंडली गाजियाबाद पलवल एक्सप्रेस वे सुपरवाइजर दीपक ने बताया कि उच्च अधिकारियों की ओर से पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें लिखा हुआ था कि एक्सप्रेस वे पर ऑटो, ट्रैक्टर व दुपहिया वाहनों की एंट्री को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए। उसके बावजूद भी कोई एंट्री करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।