अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित केएलजे सोसाइटी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य सर्वेश आचार्य ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ही साक्षात कृष्ण है और जो कृष्ण है, वहीं साक्षात भागवत है। भागवत कथा भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। कथा व्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से वर्णन किया।
भागवत का प्रसंग आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि भागवत ही भगवान है। वक्ता व श्रोता के धर्म की विवेचना करते हुए उन्होंने कहा कि वक्ता का चरित्र स्वच्छ होना चाहिए। वहीं, श्रोता भगवान के प्रति समर्पित होना चाहिए। भगवान जीव का उद्धार करते हैं। इस दौरान प्रथम सत्र में पांडवों के वंशावली का सुंदर वर्णन किया। व्यास ने बताया कि जैसा खाओगे अन्न, वैसा ही होगा मन। कथा को आगे बढ़ाते हुए युधिष्ठिर द्वारा प्रश्न प्रसंग का भी सुंदर वर्णन किया। सर्वेश पांडे ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य की सभी इच्छाओं को पूरा करती है, यह कल्पवृक्ष के समान है। उन्होंने कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। इस अवसर पर आरसी शर्मा, पंकज, प्रियंका लूथरा, चंदन महेश्वरी, पुष्पा, प्रकाश शर्मा, सुमन सोनी, वंदना, अंजू, सरोज ने कथा व्यास का आर्शीवाद प्राप्त किया।