थोड़े पैसे खाते में भेजकर वापस मांगने से लिए भावनात्मक रूप से करते हैं ब्लैकमेल
कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। यदि आपके खाते में अचानक से किसी अंजान खाते या नंबर से पैसा आ जाए तो सावधान हो जाएं। इसे वापस मांगने के लिए आपके पास जो फोन आएगा वह साइबर ठग का हो सकता है। ठगों ने खाता खाली करने का ये बिलकुल नया पैंतरा निकाला है। तीनों साइबर थानों में इस तरह की शिकायतों को लेकर लोग आ रहे हैं। कुछ जागरूक लोग ठगी की शिकार होने से बच गए, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना देना नहीं भूले। साइबर थाना पुलिस लोगों की शिकायतों पर जांच कर रही है।
दरअसल, साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने का रोजाना कोई ना कोई नया तरीका ढूंढ निकालते हैं। जैसे ही लोग ठगों के तरीकों के बारे में जान जाते हैं आरोपी एक नया तरीका इजाद कर लेते हैं। साइबर ठग इन दिनों लोगों के पेटीएम या अन्य ऑनलाइन माध्यम से कुछ पैसा भेज देते हैं। इसके कुछ देर बाद फोन कर कहते हैं कि गलती से उनके पैसे आपके खाते में आ गए हैं। वे किसी और को भेजना चाहते थे लेकिन ये आपके पास चले गए। ठग इन पैसों को वापस भेजने की अपील करते हैं। आनाकानी करने पर ठग भावनात्मक रूप से मिन्नतें करते हुए पैसा वापस करने की गुहार लगाते हैं। पैसा वापस भेजते समय ठग कहते हैं कि वह एक लिंक या स्कैन कोड भेज रहे हैं। पैसा उसपर भेज दो। जैसे ही लिंक पर क्लिक करते हैं, खाते में जमा सारे पैसे आरोपियों के पास चले जाते हैं।
पुलिस अधिकारी बनकर भी करते हैं फोन
ठग पैसा भेजने के बाद खुद को पुलिस अधिकारी बताकर भी फोन करते हैं और लोगों को डराते हैं कि आप पैसे वापस नही करेंगे तो केस दर्ज हो जाएगा। आपके पास गलती से पैसे आ गए हैं। इन्हें वापस कर दो। पुलिस के फोन को असली मानकर लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं और पैसे वापस भेजने के चक्कर में ठगों के चंगुल में फंस जाते हैं। साइबर थाना बल्लभगढ़ और एनआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार का कहना है कि साइबर ठगों से बचने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। ठग बिजली कनेक्शन काटने, पानी का बिल नहीं भरने पर कनेक्शन काटने आदि का डर दिखाकर भी लोगों को ठग रहे हैं। इन दिनों कई शिकायतें ऐसी भी आ रही हैं, जिसमें ठग छोटी रकम पहले खुद ही खाते में डाल देते हैं बाद में उसे वापस लेने के लिए लिंक भेजते हैं या फिर ओटीपी आदि की मांग करते हैं। पुलिस मामलों की जांच कर रही है। लोगों को चाहिए कि वह अंजान नंबर से पैसे आते ही सचेत हो जाएं। किसी भी सूरत में अंजान फोन पर अपना ओटीपी शेयर न करें। अंजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक ना करें। किसी भी प्रकार का शक होने पर पैसे भेजने से पहले नजदीकी थाने में जाकर संपर्क करें ताकि पुलिस अपने स्तर पर जांच कर सके कि पैसे वाकई किसी के गलती से आ गए हैं या साइबर ठगों ने जाल बिछाया है।