एक्यूआई 282 दर्ज, दावों के बावजूद स्मार्ट सिटी में प्रदूषण पर नहीं लग रही लगाम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बड़े-बड़े दावों के बावजूद स्मार्ट सिटी में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम नहीं लग रही है। शनिवार को बल्लभगढ़ देश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 282 दर्ज किया गया। पहले स्थान पर ग्रेटर नोएडा रहा। यहां का एक्यूआई 289 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू कर दी हैं।
पिछले कुछ दिनों से फरीदाबाद के प्रदूषण स्तर में हल्का उतार-चढ़ाव बना हुआ था। हवा तेज चल रही थी, जिसके चलते प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में ही बना हुआ था। दो दिन से हवा की रफ्तार थमने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक एकदम से काफी बढ़ गया है। शुक्रवार को फरीदाबाद देश में सबसे प्रदूषित शहर था। इस दौरान एक्यूआई 291 दर्ज किया गया था। शहर की हवा शनिवार को भी काफी खराब रही। हवा बिल्कुल थम सी गई। इसके साथ ही अलग-अलग कारणों से पैदा होने वाले प्रदूषित कण एक जगह इक्क्ठा होने शुरू हो गए जिससे हवा प्रदूषित होती जा रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार शनिवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 217 दर्ज किया गया। शुक्रवार की तुलना में यह 74 अंक कम रहा। शुक्रवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 291 दर्ज किया गया था। वहीं शुक्रवार की तुलना में बल्लभगढ़ क्षेत्र के वायु गुणवत्ता सूचकांक में 130 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 282 दर्ज किया गया। यह देश में ग्रेटर नोएडा के बाद सबसे अधिक है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सेक्टर 11 की हवा सबसे बहुत ज्यादा खराब रही। यहां का एक्यूआई 315 रहा। वहीं, एनआईटी क्षेत्र में 176, सेक्टर 30 क्षेत्र में 163 दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार ठंड और प्रदूषण सांस रोगियों व हृदय रोगियों के लिए घातक साबित हो सकता है इसलिए लोग इस दौरान में अपना खास ध्यान रखें। सुबह व शाम के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करें। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संदीप के अनुसार हवा की गति थम जाने से प्रदूषित कण एक जगह एकत्र होने लगे हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। हवा चलने पर यह फिर से कम हो जाएगा। हम प्रदूषण संबंधित गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। कोई भी अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में 289 रहा एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में ग्रेटर नोएडा के बाद बल्लभगढ़ का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में 289, नोएडा में 249, दिल्ली में 248 एक्यूआई दर्ज किया गया।