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Faridabad News: स्टेडियम के निर्माण में गड़बड़ी की जांच करेगा एंटी करप्शन ब्यूरो

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। प्रदेश सरकार ने राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य में देरी और लापरवाही बरतने के मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से कराने का निर्णय लिया है। पिछले दिनों फरीदाबाद आगमन पर सीएम के सामने क्रिकेट स्टेडियम का मामला रखा गया था। इस पर उन्होंने पूरे मामले की जांच एसीबी से कराने को कहा है। स्टेडियम पर साल 2019 से चल रहा है और पूरा नहीं हुआ है।
सीएम ने हाल में एफएमडीए की बैठक में शहर में चल रहे विकास कार्याें की समीक्षा की थी। इसमें अन्य कार्याें के साथ नाहर सिंह स्टेडियम का मामला रखा गया। इसमें स्टेडियम के कार्य पूरा होने में विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पाया कि कार्य को देर होने पर भी पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन बजट बढ़ाने पर भी कार्य को पूरा नहीं किया जा सका। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएम ने एसीबी से पूरे मामले की जांच कराने को कहा है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। सूत्रों के अनुसार स्टेडियम के निर्माण कार्य में गड़बड़ी बरती गई और परियोजना के अनुसार कार्य नहीं किया गया। इससे बजट बढ़ने पर काम पूरा नहीं हो सका। ऐसे में एसीबी इस बात का पता लगायगी कि आखिर तय पैसे में काम क्यों पूरा नहीं हुआ। यदि दोबारा से प्रोजेक्ट का पैसा बढ़ा तो भी काम अधूरा कैसे रह गया। सूत्रों के अनुसार जल्द ही एंटी करप्शन ब्यूरो स्टेडियम की परियोजना से जुड़े दस्तावेजों लेकर जांच करेगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डीएस ढेसी ने शहर में बड़ी विकास योजनाओं पर चर्चा की। इसमें स्टेडियम का भी मामला था।
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यह है मामला
नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के जीर्णोद्धार का काम साल 2019 में शुरू हुआ था। इसे साल 2020 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। नगर निगम ने स्टेडियम के निर्माण में तेजी से कार्य शुरू कराया लेकिन बाद में गति धीमी हो गई। कार्य में देरी से स्टेडियम की लागत में भी बढ़ोतरी होती चली गई है। इसका बजट 115 से बढ़ाकर 127 करोड़ रुपये कर दिया था। इसके बाद भी स्टेडियम बनाकर तैयार नहीं हो सका। अभी करीब 60 फीसदी ही निर्माण कार्य हो सका है। निगम के अनुसार 99 करोड़ रुपये की अभी और जरूरत है। इस पर पूरे प्रोजेक्ट पर कई प्रकार के सवाल उठ रहे हैं।



अंतरराष्ट्रीय मैच हो चुके
नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में पहले कई अंतरराष्ट्रीय मैच हो चुके हैं। मार्च 2006 में भारत और इंग्लैंड के बीच अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच हुआ था। इसके बाद यहां अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले गए। स्टेडियम के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के बाद इसमें 40 हजार दर्शक एक साथ मैच देखने का इंतजाम होगा। स्टेडियम में फ्लड लाइट्स और इलेक्ट्राॅनिक्स स्कोर बोर्ड लगाने का प्रावधान है। परियोजना में नई पिच भी नई बनेगी।
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घोटाले में फंस चुके हैं आईएएस अधिकारी
मई 2020 में 200 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ था। निगम के तत्कालीन पार्षदों दीपक चौधरी, दीपक यादव, सुरेंद्र अग्रवाल व महेंद्र ने तत्कालीन निगम आयुक्त को शिकायत दी थी। इसमें ब्यूरो ने दो मुख्य अभियंताओं, ठेकेदार समेत अन्य पर कार्रवाई कर चुकी है। घोटाले में पहले तैनात रहे नगर निगम आयुक्तों की भूमिका पर शक के दायरे में है। अधिकारी साल 2017 से 2020 तक निगम आयुक्त रह चुके हैं। दूसरी ओर बल्लभगढ़ में लोहे के ग्रिल घोटाले में (एसीबी) ने नगर निगम की पूर्व आयुक्त अनीता यादव समेत 12 पर केस दर्ज किया हुआ है। इन पर आरोप हैं कि ग्रिल लगाने के नाम पर गड़बड़ी बरती गई और कम काम, ज्यादा पैसे लिए।
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