संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दशहरा पर्व पर कई जगह रावण दहन के दौरान की गई आतिशबाजी ने रविवार को शहर की आबोहवा को खराब श्रेणी में पहुंचा दिया है। सर्दियों की शुरूआत के साथ ही शहर आबोहवा बद से बदतर होने लगती है। रविवार को एनआईटी और सेक्टर-11 की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। जबकि फरीदाबाद और बल्लभगढ़ की हवा मध्य श्रेणी में दर्ज की गई है।
इन दिनों फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में प्रदूषण के स्तर में इजाफा दर्ज किया गया है। रविवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 96 से बढ़कर 174 पर पहुंच गया है। ऐसा ही कुछ बल्लभगढ़ में भी देखने को मिला, यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 197 के साथ मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है। सेक्टर- 11 की वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे अधिक खराब श्रेणी में पहुंच गई है। यहां का एक्यूआई 233 दर्ज किया गया है। वहीं, एनआईटी वायु गुणवत्ता सूचकांक 232 दर्ज किया गया है। यहां की आबोहवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।
रविवार को शहर का प्रदूषण स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया। इससे आजमनों को काफी दिक्कतों सामना करना पड़ा। उन्हें दिनभर आंख में जलन का आभास हुआ। शनिवार को 500 से अधिक छोटे-बड़े रावण पुतला दहन किया गया। ऐसे में शनिवार सुबह से फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों का प्रदूषण खराब और बेहद खराब श्रेणी में रहा। शनिवार को सेक्टर-11 मे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सबसे अधिक 233 तक दर्ज किया गया। बल्लभगढ़ में मध्यम श्रेणी के साथ 197 और फरीदाबाद का 174 के आसपास एक्यूआई रहा। पर्यावरणविदों की मानें तो आतिशबाजी के चलते शहर में प्रदूषण स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंचा। हालांकि, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के अधिकारियों का दावा है कि वह प्रदूषण की रोकथाम के लिए कोशिश की जा रही है।
शशि