पिछले करीब 10 दिनों से सब्जियों के दाम में लगातार उछाल जारी है। पहले टमाटर और फिर अन्य सब्जियों के दाम बढ़ रहे है। दुकानदारों की मानें तो लोगों ने महंगाई बढ़ने के कारण मात्रा में समझौता करना शुरू कर दिया है। लोग एक किलो की जगह 250 ग्राम व आधा किलो ही खरीद रहे है। ऐसे में सब्जियां नहीं बिकने के कारण खराब हो रही है। सभी सब्जियों पर लगभग 10-100 रूपये बढ़े हैं, लोग हरी सब्जियों को पहले के मुकाबले कम खरीद रहे हैं।
इसलिए आसमान छू रहे दाम
एनआईटी-5 मार्केट में सब्जियां बेच रहे राजकुमार ने बताया कि सब्जी खेत से ही महंगी मिल रही है, बारिश का समय है, अक्सर बारिश के दौरान सभी सब्जियों के भाव बढ़ जाते हैं। इस वर्ष बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। बारिश के दौरान किसानों को काफी नुकसान होता है और जितनी मात्रा में सब्जी मंडी में पहुंचना चाहिए, वह नहीं पहुंच पा रहा है। इसलिए सब्जियां महंगी खरीदकर महंगा ही बेचना पड़ रहा है। आगामी कुछ दिनों में दाम घट जाएगा।
मीम की आई बौछार
सब्जियों के बढ़े रेट से परेशान लोग सोशल मीडिया पर मीम शेयर रहे हैं। महंगाई को लेकर लोग विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से मीम व वीडियो बनाकर सांझा करते हुए सरकार पर कटाक्ष कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों से सब्जियों के रेट में बढ़ोतरी के बाद सोशल मीडिया पर मीम की बौछार आ गई है।
लोगों से बातचीत सब्जियों के आसमान छूते भाव ने लोगों की जेब पूरी तरह खाली कर दिया है। महंगाई लोगों का कमर तोड़ रही है, एकाएक सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी से लोग परेशान हो गए हैं। -नीतू दत्ता, ग्रेटर फरीदाबाद
सब्जियां दाल व अन्य चीजें जब भी महंगी होती है इससे सबसे ज्यादा आम आदमी प्रभावित होता है, सभी सब्जियों पर महंगाई का रंग चढ़ा हुआ है, आम आदमी बेहास है। -विनीता, सेक्टर-29
सब्जियों के दाम - एक सप्ताह पहले और अब
मिर्च 80 120
| सब्जी |
पहले |
अब |
| करैला |
40 |
80 |
| भिंडी |
50 |
80 |
| बैंगन |
40 |
50 |
| कटहल |
60 |
70 |
| टिंडा |
50 |
60 |
| गोभी |
70 |
160 |
| पत्तागोभी |
30 |
60 |
| तोरी |
50 |
70 |
| शिमला मिर्च |
100 |
120 |
| मशरूम |
140 |
180 |
| आलू |
20 |
30 |
| खीरा |
40 |
80 |
| टमाटर |
120 |
150 |
| परवल |
80 |
100 |
| ब्रोकली |
80 |
300 |
| भुट्टा |
20 |
30 |
| कद्दू |
30 |
50 |
| अदरक |
120 |
130 |
| निम्बू |
80-100 |
120 |
| मिर्च |
80 |
120 |
नोटः यह रेट सेक्टर-29 की मार्केट के अनुसार है, शहर में अलग-अलग बाजारों में बदलाव हो सकता है।