नगर निगम आयुक्त ने इसके लिए अपनी शक्ति अतिरिक्त निगम आयुक्त को दी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त ने शहर में अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस कार्य की शक्ति अतिरिक्त निगम आयुक्त गौरव अंतिल को दे दी है। अब गौरव अंतिल संयुक्त आयुक्तों के साथ मिलकर पूरे शहर में बड़े स्तर पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अब ऐसे कार्याें के लिए निगम आयुक्त से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है।
नगर निगम क्षेत्र में हजारों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हो रखा है। इसे लेकर नगर निगम समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है। इसके बाद भी यह समस्या बनी हुई है। नगर निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया ने चार अगस्त को अभियंताओं समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान शहर में अवैध कब्जों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई करने को लेकर चर्चा की गई। गांवों व शहरों में निगम की जमीन से कब्जे हटाने के लिए दिशा निर्देश दिए गए। पंचायत में काफी जमीन पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है। इस पर कार्य को संयुक्त आयुक्त द्वारा जल्द कराने को कहा गया है। दूसरा एनआईटी क्षेत्र में हुए कब्जे और काॅलोनियों में अवैध निर्माण, एचएसवीपी की जमीन पर हुए अवैध कब्जे पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है। एचएचवीपी की कई जगहों पर प्रॉपर्टी नगर निगम के दायरे में है।
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मोबाइल टावर हटेंगे
आयुक्त ने शहर में लगे अवैध मोबाइल टावरों पर कार्रवाई करने को भी कहा है। इसके लिए नगर निगम ने पहले सर्वे कराया था। अवैध मोबाइल टावरों से निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसे में उन्हें लाइसेंस लेने को कहा जाएगा, अन्यथा टावरों को तोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा शहर में लगे अवैध विज्ञापन साइटों पर भी नकेल लगाने पर निर्देश दिया है।
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आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल गतिविधि पर लगेगी रोक
नगर निगम आयुक्त ने बैठक में सभी अधिकारियों से कहा कि आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल गतिविधि पर रोक लगाया जाए। उन्होंने कहा कि एचएसपीवी के अलावा निगम क्षेत्र में भी इस प्रकार की गतिविधियां चल रही हैं। इसे हर हालत में रोका जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को कदम उठाने को कहा है। उनका कहना है कि इससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसमें किसी प्रकार की ठिलाई नहीं होनी चाहिए।
भवन होंगे सील
बैठक में हाउस टैक्स नहीं देने वालों की प्रॉपर्टी सील करने के आदेश भी दिए गए हैं। आयुक्त ने ऐसे लोगों की सूची बनाने को कहा है। निगम पहले बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करेगा। इसमें पहले 50 हजार से ऊपर के बकायेदारों की प्रॉपर्टी सील की जाएगी। इसके लिए संबंधित जेडटीओ को जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। इससे निगम को हाउस टैक्स वसूलने का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी।