नगर निगम और पुलिस की ओर से बाजारों में अवैध कब्जों पर की गई कार्रवाई के दूसरे दिन ही निगम के आदेशों की हवा निकल गई। दुकानदारों ने बाजारों में एक बार फिर कब्जा कर लिया। दुकानों के आगे चार-चार फुट सामान बाहर निकाल लिया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अमर उजाला की टीम ने शनिवार को एनआईटी एक नंबर मार्केट, एनआईटी चार-पांच चौक और पांच नंबर बाजार का मुआयान किया। इस दौरान पाया कि दुकानदारों ने दुकानों का सामना सड़क पर रखकर फिर से कब्जा जमा लिया। ऐसे में निगम के आदेश धरे रह गए हैं। सड़क पर सामान होने से अब पहले जैसे हालात हो गए हैं। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन के अतिक्रमण मुक्त बाजार बनाने के अभियान को झटका लगा है। अतिक्रमण के चलते लोगों के लिए पैदल बाजार से निकलना मुश्किल हो गया है। अगर आगजनी जैसी कोई घटना हो जाए तो फायर बिग्रेड और एम्बुलेंस तक मार्केट में नहीं पहुंच सकती।
बता दें कि शुक्रवार को नगर निगम ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर बाजारों में बड़े स्तर पर तोड़फोड़ अभियान चलाया था। इस दौरान निगम तोड़फोड़ दस्ते ने एनआईटी एक नंबर, चार-पांच नंबर, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और सराय ख्वाजा मार्केट में 900 से अधिक अवैध कब्जे हटाए थे। दुकानों के आगे अतिक्रमण करने वालों के सामान कब्जे में ले लिए थे। इस दौरान दुकानदारों को सख्त हिदायत दी थी कि दोबारा कब्जा किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन, दुकानदारों पर निगम की कार्रवाई और चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ है।
लोगों से बातचीत-
नगर निगम अतिक्रमण को लेकर गंभीर है। पुलिस और निगम का अभियान फ्लाप हो गया है। कई जगहों पर पहले जैसे हालात हो गए। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
शारदा सिंह, सेक्टर 11
पूरा शहर अतिक्रमण की चपेट में है। सेक्टरों व एनआईटी में यह समस्या ज्यादा गंभीर है। ऐसे अभियान केवल खानापूर्ति तक सीमित रह जाते हैं। अतिक्रमण से बाजार में जाम लगना आम हो गया है।
विष्णु गोयल, एनआईटी तीन
क्या कहते है डीसीपी
हमारा प्रयास बाजारों को अतिक्रमण मुक्त बनाना है। जिसमें दुकानदारों का सहयोग अपेक्षित है। - अमित यशवर्धन, डीसीपी ट्रैफिक
बाजार में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ तोड़फोड़ कार्रवाई जारी रहेगी। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उनके सामान को जब्त कर लिया जाएगा। कब्जों को जेसीबी से फिर तोड़ दिया जाएगा।
- ओमवीर सिंह, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम