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Faridabad News: अटाली और छांयसा में स्वास्थ्य विभाग ने किया अवैध गर्भपात सेंटर भंडाफोड़

Sat, 08 Jul 2023 11:02 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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अटाली और छांयसा में गर्भपात सेंटर का भंडाफोड़
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दंपती ने दो गांवों में बना रखा था केंद्र, टीम के आने की सूचना पर भाग निकले
टीम ने अस्पताल का ताला तोड़कर की गर्भपात की दवाइयां और मशीनें जब्त कीं

संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव अटाली और छांयसा में छापा मारकर गर्भपात सेंटर का भंडाफोड़ किया है। आरोपी दंपती बिना लाइसेंस के सेंटर चला रहे थे। गांव छांयसा के अस्पताल से काफी मात्रा में गर्भपात करने की दवाइयां और उपकरण मिले हैं। टीम के पहुंचने से पहले अस्पताल में एक महिला का गर्भपात किया गया। टीम के आने की भनक लगते ही आरोपी भाग निकले। थाना छांयसा पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
सीएमओ डॉ. विनय गुप्ता को सूचना मिली थी कि गांव अटाली और छांयसा में भ्रूण जांच कर गर्भपात किया जाता है। इसके आधार पर नोडल अधिकारी डॉ. मान सिंह, सीएचसी कुराली से रामनिवास, चिकित्सा अधिकारी डॉ. शालू शर्मा और औषधि नियंत्रण अधिकारी पूजा चौधरी की टीम एक गठित की गई। टीम ने सबसे पहले गांव अटाली स्थित डॉ. मनीष और डॉ. आयुषी के एनकेएएस अस्पताल पहुंची। यहां मिले एक युवक ने बताया कि डॉक्टर दंपती गांव छांयसा के अस्पताल गए हैं।
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इसके बाद टीम पुलिस के साथ गांव छांयसा स्थित एनकेएएस अस्पताल में पहुंची। अस्पताल के बोर्ड पर किसी भी डिग्री का जिक्र नहीं था और अस्पताल बंद मिला। टीम ने बिल्डिंग के मालिक को बुलाकर ताला तोड़ा। टीम को काफी मात्रा में गर्भपात करने की दवाइयां और उपकरण मिले।

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कुछ देर पहले गर्भपात करने की आशंका
टीम को आशंका है कि यहां कुछ समय पहले गर्भपात किया है। टीम को ऑपरेशन थिएटर में महिला मरीज योगिता की सीबीसी की रिपोर्ट मिली, जो कि सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर की थी। उक्त मरीज को जब फोन किया तो लोकेशन गांव नरियाला में मिली। टीम ने अस्पताल से गर्भपात में उपयोग की जाने वाली दवाओं और उपकरणों की सूची को तैयार कर सील करके पुलिस को सौंप दी है। टीम को तीन रजिस्टर भी मिले, जिसमें मरीज का रिकॉर्ड था और मरीज का नाम योगिता लिखा हुआ था। पुलिस का कहना हैं कि दोनों की तलाश की जा रही है।

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बेसमेंट में चलते थे फर्जी अस्पताल
दोनों जगहों पर गांव मिर्जापुर निवासी डॉ. मनीष और डॉ. आयुषी बेसमेंट में फर्जी तरीके से अस्पताल चला रहे थे। अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर भी डॉक्टर दंपती की डिग्री को कोई जिक्र नहीं था। जबकि, नियम के अनुसार अस्पताल के बोर्ड पर डॉक्टर के नाम के साथ सकी डिग्री की भी पूरी जानकारी लिखी होनी चाहिए। अस्पताल का पंजीकरण नंबर भी नहीं है।
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इन जगहों पर हो चुकी है कार्रवाई

जनवरी 2022 से अब तक 11 पीएनडीटी और 13 एमटीपी किट बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शामली स्थित सिविल अस्पताल, बुलंदशहर स्थित विकास अल्ट्रासाउंड, चंदावली स्थित मानवता अस्पताल, हापुड़, सोनीपत, हापुड़, अलीगढ़ स्थित पुष्पांजलि डायगोनोस्टिक, बरेली स्थित कोमल हॉस्पिटल, मध्य प्रदेश के सांभल से लिंग जांच का मामला पकड़ चुकी है।
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