संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद।
एनआईटी स्थित दशहरा ग्राउंड में ऋषि चैतन्य विजन फरीदाबाद की ओर से आयोजित चार दिवसीय ज्ञान, भक्ति और योग की अमृतवर्षा समागम के तीसरे दिन आनंदमूर्ति गुरु मां ने श्रद्धालुओं को तनावमुक्त और सुखी जीवन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज तनाव जीवन के साथ जुड़ा हुआ है। भौतिक जीवन में आगे निकलने और नंबर वन बनने की होड़ के कारण व्यक्ति का मन और मस्तिष्क लगातार चिंता में रहता है। लोभ, क्रोध और ईर्ष्या जैसे विकार तनाव को बढ़ाते हैं। आनंदमूर्ति गुरूमां ने कहा कि अज्ञान, क्रोध और लोभ की अग्नि सबसे पहले व्यक्ति को ही जलाती है। यदि जीवन में सुख और शांति चाहिए तो सोच को व्यापक बनाना होगा और जरूरतमंदों की सेवा के लिए आगे आना होगा। सेवा और भक्ति से मन को संतोष मिलता है।