कई जगह पेड़ भी टूटे, शहर में भी गहराया जल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। रविवार देर शाम आए आंधी तूफान से गांव मोटूका में करीब 40 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। मुख्य सड़क पर लगे पेड़ भी टूट गए। जिसके कारण सोमवार शाम तक गांव मोटूका सहित आधा दर्जन गांवों में बिजली गुल रही। बिजली नहीं होने की वजह से लोगों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। इससे मेडिकल काॅलेज की सेवाएं भी प्रभावित हुईं हैं। शहर के कई भागों में पेयजल प्रभावित रहा।
गांव मोटूका निवासी जयपाल ने बताया कि उनका गांव यमुना किनारे बसा हुआ है। रविवार शाम तेज आंधी आई। इससे गांव के अंदर लगे करीब 40 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। पोल क्षतिग्रस्त होने की वजह से रविवार की शाम से गांव में बिजली व पानी की समस्या बनी हुई है। बिजली नहीं होने की वजह से लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। बिजली के खंभे के साथ-साथ पेड़ भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिससे गांव का मुख्य रास्ता ब्लॉक हो गया है। गांववासियों के अनुसार आधे घंटे के आंधी तूफान ने गांव को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। गांव में करीब 24 घंटे से बिजली नहीं होने की वजह से लोगों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। गांव में बना पोल्ट्री फार्म हाउस पूरी तरह से तबाह हो गया। फार्म हाउस के टूटने से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इससे कई मुर्गियां भी मर गईं।
इन गांवों में नहीं हैं बिजली-
गांव मोटूका में पोल टूटने से गांव चांदपुर, गांव इमामुद्दींपुर, गांव शाहजहांपुर, गांव फैज़पुर खादर, गांव अरुआ, गांव साहुपुरा, गांव लतीफपुर, गांव अटाली में 24 घंटे से बिजली नहीं है। इससे लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। दूसरी ओर बिजली नहीं होने की वजह से गांववासियों को पानी की समस्या से जूझना पड़ा।
जेनसेट से पानी की सप्लाई
गांव में पिछले 24 घंटे से बिजली नहीं होने की वजह से गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बिजली बाधित होने की वजह से गांव में पानी नहीं आया, इसलिए गांववासियों ने जेनसेट के जरिए मोटर चलाकर घरों में पानी की सप्लाई की। इसके अलावा गांव में जगह-जगह नल लगवाए गए हैं। जिससे लोगों की पानी की समस्या थोड़ी दूर हुई है। ठीक होने में कम से कम दो से तीन दिन का समय लगेगा।
स्कूल व मेडिकल कॉलेज रहे बंद
बिजली बाधित होने की वजह से गांव मोटूका स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में छात्राओं की क्लाॅस नहीं लगी। इसके अलावा नवोदय स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों की भी छुट्टी की गई। नवोदय स्कूल के अलावा अन्य स्कूल की भी छुट्टी की गई। अस्पताल में बिजली नहीं होने की वजह से जरूरी कार्य के लिए कुछ समय के लिए डीजी सेट को चलाया गया, लेकिन डीजी सेट एक घंटे में 50 लीटर डीजल को खर्च करता है, इसलिए कुछ ही समय चलाया जा सका। बिजली बाधित होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई।
पेड़ गिरने से बाजार में फंसी बरात,
गांव वालों ने हटाए पेड़ तभी निकली
जयपाल ने बताया कि उनके भतीजे की शादी रविवार को थी। शाम को बरात जाने को तैयार थी कि तभी आंधी आ गई। आंधी से गांव की मुख्य सड़क पर लगे पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे गांव का रास्ता बंद हो गया। बरसात रुकने के बाद गांव वालों की मदद से सड़क पर पेड़ को हटाया गया, उसके बाद बरात को रवाना किया गया। इसके अलावा रोडवेज की बस को भी आवागमन में परेशानी ना हो, इसके लिए भी गांववालों ने रोडवेज के कर्मचारियों के साथ मिलकर अन्य पेड़ों को सड़क से हटाया।
लोगों से बातचीत
बिजली नहीं होने की वजह से सबसे ज्यादा समस्या पानी की हुई। दो दिनों तक बिजली नहीं आएगी।
- मोहन बंसल, गांव माेटूका सरपंच
अगर जल्द ही बिजली की समस्या का कोई अस्थायी समाधान नहीं किया तो बच्चों की पढ़ाई को काफी नुकसान होगा। - राज कुमार भाटी, गांव छांयसा
बिजली के 40 से अधिक खंभे टूटने की वजह से आसपास के कई गांव में बिजली नहीं है। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। - जयपाल, गांव मोटूका
एसडीओ अमनदीप का कहना है कि बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा बिजली को ठीक करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सबसे पहले पानी सप्लाई वाली लाइन को शुरू किया जाएगा ताकि लोगों को पानी की समस्या से जूझना ना पड़े।