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35 से 40 लोग रोजाना हो रहे साइबर अपराधियों का शिकार, पुलिस से दो कदम आगे ही रहते हैं ठग

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35 to 40 people are daily victims of cyber criminals
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फरीदाबाद (आशीष मणि त्रिपाठी)। साइबर ठगी के मामलों में अपराधी पुलिस से दो कदम आगे ही रहते हैं। शातिर हर बार ठगी के नए-नए तरीके अपना कर पुलिस को चकमा देते हैं। जनवरी माह में साइबर ठगी के आठ मामले दर्ज हुए हैं। इसमें 35 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की गई है। जिले में 35 से 40 लोग रोजाना ही ठगी के शिकार हो रहे हैं। इनमें अधिकांश मामले दर्ज नहीं होते हैं। साइबर ठग कभी कार्ड ब्लॉक कर तो कभी केवाईसी करवाने के नाम पर लोगों को अपने झांसे में ले लेते हैं और उनके खाते से रुपये साफ कर देते हैं। कोरोना काल में वैक्सीन व बूस्टर लगवाने के नाम पर ऑनलाइन पंजीकरण को भी शातिरों ने ठगी का जरिया बना लिया। फेसबुक, वाट्सएप पर विज्ञापन भेजकर नौकरी के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। यही नहीं एनीडेस्क डाउनलोड करवाकर उसके जरिए मोबाइल सिस्टम को अपने कब्जे में लेकर शातिर लोगों का ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस जब तक एक तरीके का पता लगाती है साइबर ठग तब तक कई और तरीके अपना लेते हैं। यानी पुलिस पीछे-पीछे और साइबर ठग उनके आगे चल रहे हैं। हालांकि साइबर क्राइम पुलिस लोगों को जागरूक भी कर रही हैं। फिर भी लोग शातिरों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई लुटा बैठते हैं।
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आठ मामले दर्ज, 35 लाख रुपये की ठगी
4 जनवरी- नेट बैंकिंग बंद होने की धमकी देकर 1 लाख रुपये की ठगी
10 जनवरी- म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने के नाम पर कई लोगों से 16 लाख की ठगी
11 जनवरी-मोबाइल पर एनीडेस्क ऐप डाउनलोड करवाकर 2.5 लाख की ठगी
11 जनवरी-केवाईसी अपडेट करवाने के नाम पर 10 लाख की ठगी
17 जनवरी- फेसबुक पर विज्ञापन देकर नौकरी लगवाने के नाम पर 1.37 लाख की ठगी
18 जनवरी-बैंक एकाउंट बंद होने की धमकी देकर 1.43 लाख की ठगी
19 जनवरी- डेरी संचालक से बैंक में केवाईसी अपडेट के नाम पर 1.12 लाख की ठगी
20 जनवरी-कनाडा का टिकट करवाने के नाम पर एजेंट बनकर 1.54 लाख की ठगी
धोखाधड़ी से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
- लालच में आकर अनजान व्यक्ति से आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक अकाउंट समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी साझा न करें।
- ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन के ऑफिसियल साइट पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबर पर ही संपर्क करें
- किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजा गया क्यूआर कोड स्कैन न करें, किसी प्रकार के लिंक पर क्लिक न करें।
- कोई अनजान व्यक्ति फोन कर किसी स्कीम आदि का लालच दे तो उसके झांसे में न आएं
- कोरोना वैक्सीन अथवा बूस्टर के लिए अनजान व्यक्ति द्वारा कॉल कर आधार कार्ड नंबर मांगने पर न दें
- फ्री रीचार्ज, कैशबैक, क्रेडिट कार्ड ऑफर के कॉल व मेसेज से बचें
- केवीसी अपडेट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल से बचें
- ओएलएक्स के फर्जी नंबर और फर्जी कस्टमर केयर से बचें
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