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Faridabad News: बल्क वेस्ट का निस्पादन नहीं कर रहे 331 संस्थान, नोटिस जारी

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50 किलो से ज्यादा कूड़े को अपने स्तर पर निस्तारित कर खाद बनाने का है नियम
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- स्मार्ट सिटी में सिर्फ 77 संस्थान ही कर रहे वेस्ट नियम का पालन
मनोज धर द्विवेदी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में बल्क वेस्ट नियम का पालन न करने पर नगर निगम ने बीते तीन माह में 331 संस्थानों को नोटिस जारी किया है। 70 संस्थानों को चालान किया है। जिले में 77 संस्थान ही ऐसे हैं जो कूड़े को निस्तारित कर खाद तैयार करवा रहे हैं। इसमें कुछेेक ऐसे संस्थान हैं जो दूसरे के संयंत्र पर कूड़े को निस्तारित करवा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 50 किलो से अधिक बल्क वेस्ट रोज पैदा करने वाले संस्थानों को कूड़े का निस्पादन अपने स्तर पर करना जरूरी है। जिले में 421 ऐसे संस्थानों की पहचान की गई है, जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत बल्क वेस्ट जनरेट (बीडब्ल्यूजी) करने वाले बड़े होटलों, सोसाइटियों, स्कूल-कॉलेज समेत अन्य संस्थानों को खुद कूड़ा निस्तारण का इंतजाम करना जरूरी है। ऐसे संस्थानों को कूड़ा निस्तारण संयंत्र लगाकर कूड़े से कंपोस्ट खाद तैयार करना होता ताकि शहर में कूड़े की समस्या को काबू किया जा सके। शहर में काफी ऐसे संस्थान हैं, जहां बड़े पैमाने पर बल्क वेस्ट पैदा होता है, लेकिन अपने स्तर पर निस्तारण नहीं करते। कूड़े को सड़कों के किनारे फेंकते हैं या फिर निगम की डंपिंग साइट पर फेंकते हैं। वहीं, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत किसी भी संस्थान में यदि रोज 50 किलो से अधिक कूड़ा निकलता है तो उसके निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होती है। दूसरी ओर निगम ने जोन वाइज चार टीमों को इसके लिए लगाया गया है। जिस संस्थान के पास संयंत्र नहीं हैं, उनका चालान किया जा रहा है। इसके अलावा ऐसे संस्थान खुद या अन्य के संयंत्र में घरेलू कूड़े को भेज सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर निगम 25 हजार रुपये का चालान करता है। निगम ने पिछले साल 255 बल्क वेस्ट का चालान किया था। निगम की टीमों ने 15 लाख से ज्यादा जुर्माना लगाया था।
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कई सोसाइटियों में नहीं है संयंत्र
ग्रेटर फरीदाबाद में 50 से ज्यादा सोसाइटियां हैं। कई सोसाइटियों में बल्क वेस्ट कूड़ा निस्तारण संयंत्र नहीं लगा है। ऐसे में इन सोसाइटियों का कूड़ा इकोग्रीन के वेंडर या अन्य जगहों पर कूड़ा फेंक रहे हैं। हालांकि आरपीएस सोसाइटी में एक मशीन लगी है। जहां पर दस संस्थानों के कूड़े का निस्तारण होता है। यहां पर एक सप्ताह में 100 किलो कूड़े को खाद में बदला जा रहा है। ऐसे में निगम का अन्य सोसाइटियों पर नजर है। निगम का मानना हैं कि बड़ी सोसाइटियों में किचन गारबेज को खाद में बदलकर हरियाली में प्रयोग लाया जा सकता है।

2750 किलोग्राम कूड़ा रोज निस्तारित हो रहा
नगर निगम की सख्ती पर कई संस्थानों से बल्क वेस्ट कूड़ा को लेकर गंभीरता बरती है। इसके लिए आईओसीएल ने एक संयंत्र लगाया है। इसमें 29 संस्थानों का करीब एक हजार किलो कूड़ा प्रतिदिन निस्तारित होता है। इसी प्रकार वहीं, नीलकंठ एजेंसी 23 संस्थानों का 700 किलो, ह्मूमन काउंड फाउंडेशन एक हजार किलो और दस अन्य संस्थान मिलकर प्रतिदिन 50 किलो कूड़ा निस्तारित होता है। सेक्टर 37 संयंत्र में 100 व आरपीएस में 50 किलो एक सप्ताह में निस्तारित होता है। दो संस्थान पिट के माध्यम से 600 किलो कूड़े को खाद में तब्दील करते हैं।
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क्यों जरूरी है
फरीदाबाद नगर निगम का करीब 800 टन कूड़ा रोज बंधवाड़ी जा रहा है। ऐसे में वहां पर कूड़े का पहाड़ तैयार हो गया है। एनटीजी का सख्त निर्देश हैं कि निगम कूड़े के निस्तारण के लिए अन्य विकल्प देखे। ऐसे में निगम मुजेडी और प्रतापगढ़ में संयंत्र बनवा रहा है। इसके साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत रोज 50 किलो से अधिक कूड़ा निकलने वाले संस्थानों को संयंत्र लगाने पर जोर दे रहा रहा है।
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बल्क वेस्ट पैदा करने वाले संस्थानों पर निगम की टीमें नजर रख रही है। ऐसे करीब 331 संस्थानों को नोटिस भेजा गया है। संस्थानों को खुद का संयंत्र लगाने को कहा है। संस्थानों की पहल से कूड़े की समस्या को काबू पाया जा सकता है।
- डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम

ये है जिले की स्थिति
कुल संस्थान - 421
नोटिस जारी - 331
जुर्माना लगाया - 70
एसडब्ल्यूएम - 77
वसूली - 4.50 लाख
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