फरीदाबाद। शहर के चार नामचीन अस्पतालों पर आयकर विभाग की रेड पांचवें दिन समाप्त हो गई। इस दौरान टीम को डॉक्टरों के आवास से करीब 5.5 करोड़ रुपये के कैश सहित 30 करोड़ रुपये के जेवरात बरामद हुए हैं। इसके साथ ही टीम ने 30 बैंक लॉकरों को भी सीज किया है। विभाग को अंदेशा है कि अस्पताल मालिकों ने 100 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी की है। टीम ने कार्रवाई के दौरान हाथ लगे जरूरी कागजात की भी जांच शुरू कर दी है। जिसमें कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
आयकर विभाग को कुछ दिन पूर्व फरीदाबाद सहित दिल्ली एनसीआर के नामचीन अस्पतालों द्वारा पैसों के गलत इस्तेमाल और काला धन लगाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर फरीदाबाद आयकर विभाग की 35 टीमें गठित की गईं। इनका नेतृत्व इन्वेस्टिगेशन विभाग के अतिरिक्त निदेशक भारत भूषण गर्ग के किया। सभी टीमों ने एक साथ अस्पतालों और मालिकों के आवास पर रेड की। रविवार अल सुबह तक आयकर टीम ने सेक्टर-8 सर्वोदय अस्पताल, अजरौंदा चौक स्थित एसएसबी अस्पताल और मेट्रो अस्पताल सहित मालिकों के आवास पर जांच पड़ताल की, जबकि एकॉर्ड अस्पताल को एक दिन पहले फ्री कर दिया गया। टीम को अस्पताल मालिकों के यहां से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिनमें करोड़ों रुपये के गलत इस्तेमाल की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार टीम को डॉक्टरों के पास से अब तक करीब 5.5 करोड़ का कैश, 30 करोड़ का सोना मिल चुका है। जांच में 30 बैंक लॉकर भी मिले हैं। इसके बारे में डॉक्टर, आयकर विभाग की टीम को कोई खास जानकारी नहीं दे पाए हैं, इसलिए इन्हें संदिग्ध मानते हुए सीज कर दिया गया है। इसके अलावा डॉक्टरों के पास से कुछ विशेष मेडिकल कंपनियों के वाउचर और निजी अस्पतालों द्वारा सरकारी अस्पतालों व क्लीनिक के डॉक्टरों को दिए गए कमीशन के कैश वाउचर मिले हैं। आशंका है, अस्पतालों ने कुछ विशेष दवा कंपनियों को लाभ पहुंचाया है। इसकी जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि आयकर विभाग की ओर से जल्द बड़े खुलासे किए जाएंगे। इसके बाद जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।