पीड़ित के परिवार के तीन बैंक खातों में एक ही फोन जुड़ा हुआ था
थाना साइबर बल्लभगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। मेट्रो कार्ड रिचार्ज करने के नाम पर एक व्यक्ति से 2.36 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित के परिवार के तीनों बैंक खातों में एक ही फोन जुड़ा हुआ था। थाना साइबर बल्लभगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर 2 निवासी देवदत्त शर्मा ने बताया कि उनके तीन बैंक खाते हैं जोकि पत्नी निर्मला शर्मा व पुत्र तुषार शर्मा के नाम से खोले हुए हैं। तीनों खातों में उनका फोन नंबर दर्ज है। 19 अप्रैल को सुबह 8 बजे फोनपे द्वारा बेटे तुषार शर्मा के मेट्रो कार्ड को रिचार्ज करने के लिए 600 रुपये की पेमेंट की गई, लेकिन मेट्रो कार्ड रिचार्ज पेंडिंग दिखाता रहा। काफी समय इंतजार करने के पश्चात भी मेट्रो कार्ड रिचार्ज नहीं हुआ। उसके बाद उन्होंने गूगल से दिल्ली मेट्रो का शिकायत नंबर ढूंढा। फोन से उक्त नंबर पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन कंप्यूटर टूनिंग के द्वारा बताया गया कि फोन में कॉल करने के लिए पर्याप्त बैलेंस नहीं है जबकि उनका मोबाइल रिचार्ज था। मेट्रो के उक्त नंबर पर शिकायत दर्ज करने के लिए फोन मिलाया तो बताया कि रिचार्ज अभी पेंडिंग है। नेटवर्क की खराब स्थिति के कारण रिचार्ज पेंडिंग है। पहले आप अपने फोन नंबर से एक रुपये की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करे, जिससे नेटवर्क सही हो जाएगा जिसके बाद फोन पर एक मैसेज आया, जिसमें कोई लिंक था। लिंक पर क्लिक करने से मना कर दिया जिसके बाद उन्होंने दोबारा से मेट्रो हेल्पलाइन के नंबरों पर कॉल किया। उसके तुरंत बाद उनके फोन पर चार अलग-अलग नंबरों से मैसेज आए जिसको लेकर उनको कहा गया कि वेरिफिकेशन के लिए मैसेज को 5 सेकंड में फॉरवर्ड करें। सभी नंबर नोट करके रख लिए। 20 अप्रैल को मैसेज आया कि 95000 रुपये तंजीर अहमद के नाम पर ट्रांसफर हुए हैं। उसके एक मिनट बाद यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी से 5000 रुपये प्रीति यादव के नाम ट्रांसफर होने का मैसेज आया। पत्नी निर्मला शर्मा के अकाउंट से 99999 रुपये तंज़ीर अहमद के नाम ट्रांसफर होने का मैसेज आया। बेटे तुषार शर्मा के अकाउंट से 36500 रुपये तंजीर अहमद के नाम ट्रांसफर होने का मैसेज आया। मैसेज को देखने के बाद उन्होंने बैंक में कॉल करके अकाउंट को ब्लॉक करवा दिया। मेट्रो कार्ड रिचार्ज करने के नाम पर उनके साथ 2,36,499 रुपये की ठगी की गई।