आयुष्मान भारत योजना : आखिर गरीबों की सूची में कैसे शामिल हो गए अमीर
फरीदाबाद। आर्थिक, सामाजिक और जातीय आधार पर लाभार्थी सूची में पूर्व मंत्री सहित कई अन्य करोड़पतियों के नाम पाए जाने पर सीएमओ से निदेशालय ने जवाब-तलब किया है। नियमों से लाचार होने की बात करते हुए सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय स्तर पर सूची को अपडेट नहीं किया जा सकता। निदेशालय को अपनी क्षमताओं पर ही सूची अपडेट करने होगी। फिलहाल सुधार कार्रवाई तक सभी गणमान्यों के नाम सूची में ही बने रहेंगे। पिछले दिनों आयुष्मान भारत के तहत पीएम-जय (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) की लाभार्थी सूची में पिछड़े लोगों के साथ ही पूर्व मंत्री तक का नाम सामने आया था। इस मामले में निदेशालय ने जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. असरुद्दीन से जवाब-तलब किया। डॉ. असरुद्दीन का कहना है कि लाभार्थी सूची में 2011 के सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना पर आधारित शामिल लोगों के नाम हैं। आयुष्मान भारत के तहत जिला स्तर पर केवल सूची अपडेट करने का नियम ही उनके अधिकार क्षेत्र में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी भी व्यक्ति का नाम सूची से जिला स्तर पर नहीं हटा सकते हैं। ऐसे में यदि निदेशालय को सूची में गड़बड़ लगती है तो प्रदेश स्तर पर ही इसमें फेर-बदल किए जाएं। ऐसे में किसी भी शासन स्तरीय कार्रवाई तक सूची में किसी भी तरह का फेर-बदल नहीं होगा।