क्रेडिट कार्ड से 43 हजार 565 रुपये खर्च करने के मामले को रफादफा करने की एवज में की पैसों की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में साइबर ठगी की वारदातों पर लगाम नहीं लग रही है। चार माह बाद एक बार फिर डिजिटली अरेस्ट कर ठगी का मामला सामने आया है। जिसमें साइबर ठगों ने देवा बत्रा सान्याल को डिजिटल अरेस्ट (आभासी रूप से अपह्रत) कर 12 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने मुंबई क्राइम ब्रांच का डीसीपी
अधिकारी बन की बुजुर्ग से क्रेडिट कार्ड से 43 हजार 565 रुपये खर्च किए जाने के बाद पूछा। इस दौरान आरोपी उनसे फोन पर लगातार उससे पांच घंटे तक बात करते रहे। उनके बैंक खातों सहित अन्य जरूरी जानकारी ली और मुकदमे की एवज में उससे 12 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूरजकुंड चार्मवुड विलेज निवासी बुजुर्ग देवा बत्रा सान्याल ने साइबर थाना एनआईटी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 13 मई की दोपहर को उसके पास एक मैसेज आया। इसमें पूछा गया कि आपके क्रेडिट कार्ड से 43 हजार 565 रुपये खर्च किए गए हैं। क्या यह पैसे आपने आपने स्वंय खर्च किए हैं। मैसेज में उन्होंने नहीं का जबाव दिया। इसके तुरंत बाद उनके पास एक व्यक्ति ने फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम रमेश यादव बताया और कहा कि वह एचडीएफसी बैंक क्रेडिट कार्ड विभाग मुंबई से बोल रहा है। उसने बताया कि बैंक की ओर से अजमेर के अजय नागर के नाम क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है, लेकिन इस कार्ड से किसी ने चेन्नई में खरीदारी की गई है। उसने बुजुर्ग को बताया कि क्रेडिट कार्ड की जांच की तो इसमें आधार और मोबाइल नंबर उनका मिला।
मुंबई डीसीपी साइबर क्राइम बनकर लगातार पांच घंटे तक बात बुजुर्ग से की बात
आरोपी ने बताया कि क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी को लेकर उनके खिलाफ मुंबई में केस दर्ज हुआ है। बुजुर्ग ने इस संबंध में जानकारी नहीं होने बात कही तो बैंककर्मी के रूप में फोन कर रहे रमेश यादव ने दबाव बनाने के लिए उसकी कॉल को साइबर क्राइम ब्रांच ग्रेटर मुंबई में डायवर्ट कर दी। वहां कोई अजय कुमार उनसे बात करने लगा। उसने आगे प्रताप सिंह को फोन पकड़ा दिया और उससे बात करवाने लगा। जिसने खुद को डीसीपी साइबर क्राइम बताया। इस दौरान आरोपी फोन पर बुजुर्ग से लगातार करीब पांच घंटे तक बात करते रहे। साथ ही आरोपियों ने उसके बैंक खातों सहित अन्य जरूरी जानकारी ली। वह उसे लगातार धमकी देते रहे। उसने केस के रफादरा करने की एवज में उससे 12 लाख रुपये की मांग की। इसके लिए उन्हें बैंक खाता नंबर दिया गया। आरोपी उससे अगले दिन भी इसी मामले को लेकर सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक फिर बात करते रहे। इसके बाद उसने बैंक जाकर आरटीजीएस के माध्यम से पैसे आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
जांच शुरु कर दी गई है
साइबर ठगों ने ठगी के नए-नए तरीके निकाले हैं। लोगों को ठगी की वारदातों से बचाने के लिए लगातार जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि वह इस तरह के किसी भी ठगी के झांसे में न फंसे। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। - अमन यादव, एसीपी क्राइम
पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले
- 3 नवंबर 2023: साइबर ठगों ने 23 वर्षीय युवती को 17 दिन तक घर के अंदर बंद रहने को मजबूर कर दिया। उन्हें घर में डिजिटली अरेस्ट करके रखा। इस दौरान युवती से ढाई लाख रुपये भी ठग लिए गए।
- 20 फरवरी 2024: आदर्श नगर में ठगों ने एआई से डीयू के वैज्ञानिक की आवाज निकालकर मां को सात घंटे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। दुष्कर्म के केस से निकालने की बात कहकर चार लाख रुपये ठग लिए।