संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। 24 जून 2019 को किशोरी के जीजा ने सेक्टर-31 थाने में गुमशुदगी व अपहरण की आशंका जाहिर करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। दरअसल किशोरी की मां के देहांत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। इस पर किशोरी अपनी चचेरी बहन के घर गांव एतमादपुर में रहने लगी। इसी दौरान उसकी दोस्ती पड़ोस में रहने वाली युवती से हुई और वह 18 जून को लापता हो गई। करीब दो माह बाद पुलिस ने किशोरी को गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी से ढूंढ निकाला। जांच में सामने आया कि किशोरी अपनी सहेली के साथ किराये के कमरे में रह रही थी। सहेली जब डयूटी चली जाती थी तो खोड़ा कॉलोनी निवासी उनका पड़ोसी राधे (24) पीड़िता के साथ दुष्कर्म करता था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी देता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से मामला अदालत में विचाराधीन था। सरकारी अधिवक्ता रेखा जांगडा ने किशोरी की तरफ से अदालत में पैरवी की थी।