राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने फर्जी वीजा बनाकर लोगों को ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अब तक 274 लोगो से करीब तीन करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। इनके कब्जे से छह फोन और 70 हजार रुपए नकद मिले हैं। आरोपी नेपाल और दुबई में बैठकर फर्जी वीजा बना रहे हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पांच मार्च को जम्मू कश्मीर के पूंछ निवासी शौकत हुसैन समेत 19 युवकों ने राजौरी गार्डन थाने में ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि वह खाड़ी देशों में नौकरी की तलाश कर रहे थे। उन्हें वीजा की जरूरत होती। इंटरनेट पर मीट वीजा नाम के कार्यालय का पता चला। सभी सुभाष नगर स्थित मीट वीजा के कार्यालय आए। वहां उन्हें वीजा के साथ साथ ऑफर लेटर भी देने का झांसा दिया गया। कार्यालय में बैठे अरमान और अंकित ने पासपोर्ट के साथ साथ सभी से सवा लाख रुपये लिए। कुछ समय बाद पासपोर्ट, वीजा और ऑफर लेटर घर पहुंच गया। जब वह एयरपोर्ट पर पहुंचे तो ठगी का खुलासा हुआ।
शुरुआती जांच में कार्यालय बंद मिला। जांच करने पर पता चला कि फर्जी कागजात पर कार्यालय का रेंट एग्रीमेंट किया गया था। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने 16 मार्च को दो आरोपितों गोगराज और सुशील को गिरफ्तार कर लिया। गोगराज ने अरमान और सुशील ने अपना नाम पीड़ितों को अंकित बताया था। आरोपियों ने बताया कि चार माह से ठगी कर रहे थे। इन्होंने अब तक 274 पासपोर्ट का वीजा बनाया था। जांच में पता चला कि फर्जी वीजा का रैकेट दुबई और नेपाल से संचालित किया जा रहा था। वीजा बनाने का काम नेपाल में बैठा इरफान करता है।