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Cyber Crime: गाजियाबाद में फर्जी RTO अफसर दबोचा, अधिकारी बन करता था लोगों से ठगी; ऐसे बनाता था शिकार

Mon, 07 Apr 2025 07:59 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की साइबर सेल ने एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। जो लोगों से फर्जी अधिकारी बनकर ठगी किया करता था। आरोपी खुद को गाजियाबाद आरटीओ का अधिकारी बताया करता था और लोगों से वाहन का परमिट रद्द करने की धमकी देकर हजारों रुपये ठग लेता था।
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Cyber Frauds - फोटो : Freepik
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विस्तार
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मध्य जिला साइबर सेल ने गाजियाबाद के आरटीओ कार्यालय के एक निजी एजेंट को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कार्यालय का अधिकारी बनकर एक शख्स को जुर्माना न चुकाने पर वाहन का परमिट रद्द करने की धमकी दी और हजारों रुपये ठग लिए। 

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आरोपी की पहचान चिरंजीवी विहार गाजियाबाद निवासी आशीष शर्मा के रूप में हुई है। उसके कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल फोन और कई बैंकों के किट बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ने कई वाहन मालिकों से डेटा का दुरुपयोग कर ठगी की है। 

मध्य जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने साइबर सेल में धोखाधड़ी की शिकायत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को गाजियाबाद से आरटीओ अधिकारी बताया। 
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फोन करने वाले ने पंजीकृत कॉमर्शियल वाहन के खिलाफ लंबित चालान के बारे में बताया और धमकी दी कि अगर चालान का भुगतान तुरंत नहीं किया गया तो उसका वाहन परमिट रद्द कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने 12.50 हजार ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। 

साइबर सेल की टीम ने आरोपी के बैंक खाते और मोबाइल नंबर की जांच की। इसमें पता चला कि धोखाधड़ी से प्राप्त राशि आशीष शर्मा के नाम से  जमा की गई थी। आरोपी ने कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदले। लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने आरोपी को गाजियाबाद यूपी से गिरफ्तार कर लिया। 

खुले में रखीं फाइलों से मिली जानकारी
आरोपी ने बताया कि वह गाजियाबाद में आरटीओ कार्यालय में निजी एजेंट है। काम करने के दौरान वह पुराने वाहन पंजीकरण फाइलों तक पहुंचा, जो खुली गैलरी में रखी थीं। इसके जरिये उसने वाहन मालिकों से संपर्क किया। 

फिर ई-वाहन एप के जरिये डेटा जानकारी का दुरुपयोग किया। साथ ही पुलिस लोगों और अधिकारियों की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया। ताकि लोगों को लगे कि फोन करने वाला वैध है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यालय से जानकारी लीक होने के संबंध में आरटीओ कार्यालय गाजियाबाद के कुछ अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है।

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