मंगोलपुरी औद्योगिक एरिया और कोंडली में कारोबार करने वाले कारोबारी का पूर्व ड्राइवर बहुत ही कम समय में अमीर बनना चाहता था। उसने अपने सपनों को साकार करने के लिए अपने साथी के साथ कारोबारी से गैंगस्टर नीरज बवानिया के नाम पर एक करोड़ की रंगदारी मांगना शुरू कर दिया। आरोपियों ने अपने को बवानिया गिरोह का सदस्य दिखाने के लिए कारोबारी से हरियाणवी भाषा में बात की। सूचना पर बाहरी जिला पुलिस ने आरोपी आनंद और उसके साथी अजय उर्फ काला को दबोच लिया। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन व सिम कार्ड बरामद कर लिया है।
रंगदारी के लिए आरोपी ने की थी 2 दिन में 10 कॉल्स
कारोबारी के पास 16 से लेकर 18 अप्रैल तक रंगदारी की आठ से 10 कॉल्स आई थीं। फोन करने वाले ने उससे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी थी। मामला दर्जकर मंगोलपुरी एसीपी राजबीर सिंह मलिक की देखरेख में रानी बाग पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर (तफ्तीश) जितेंद्र जोशी, इंस्पेक्टर (कानून व्यवस्था) चंद्रशेखर और राज पार्क थानाध्यक्ष ललित कुमार की टीम ने जांच शुरू कर दी। आरोपियों को पकड़ने लिए योजना बनाकर इंस्पेक्टर जितेंद्र जोशी की टीम ने आरोपी को पैसे लेने के लिए रिठाला चौक बुलाया। इसके अलावा टीम ने कारोबारी के पूर्व कर्मचारियों पर नजर रखी थी।
पूर्व कर्मचारी ने बनाई थी मालिक से रंगदारी की योजना
जांच के बाद पुलिस को ये स्पष्ट हो गया कि एक वर्ष पहले नौकरी छोड़ चुका कारोबारी का पूर्व कर्मचारी रंगदारी मांग रहा था। जांच के बाद इंस्पेक्टर जितेंद्र जोशी और चंद्रशेखर की टीम ने कई दिन की जांच के बाद पूर्व कर्मचारी आनंद को गांव सलहपुर माजरा डबास से गिरफ्तार कर लिया। उसने अपने गांव के ही साथी अजय उर्फ काला को अपनी साजिश में शामिल किया। पढ़ाई कर रहे अजय ने कारोबारी को रंगदारी की कॉल्स की थी। इसके बाद पुलिस ने अजय को गिरफ्तार कर लिया।