पुलिस ने नारायणा में कार स्ट्रीट शोरूम पर पांच करोड़ की रंगदारी के लिए गोलियां चलाने के मामले में अंतरराष्ट्रीय जूनियर लेवल के किक-बॉक्सिंग खिलाड़ी दीपक (26) को एक शूटर के साथ गिरफ्तार किया है। दीपक को अपराध शाखा व शूटर को मुठभेड़ के बाद स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है।
शूटर के सीधे पैर में गोली लगी है। दीपक ने गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के कहने पर शूटरों व हथियारों का इंतजाम किया था। वारदात के समय दीपक शोरूम के बाहर खड़ा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, 27 सितंबर को शाम करीब 7:15 बजे शोरूम में तीन बदमाश घुसे थे। एक ने शोरूम के मैनेजर के सिर पर पिस्तौल तान दी थी, जबकि दो शूटरों ने कारों व टीवी पर गोलियां चला दी थीं।
जांच के दौरान पुलिस दीपक के बार में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने रोहतक के एक कस्बे में घेराबंदी कर दीपक को गिरफ्तार कर लिया। दीपक ने पुलिस से हाथापाई कर भागने कोशिश की, लेकिन पकड़ा गया। दीपक ने बताया कि कार शोरूम के मालिक से रंगदारी की मांगी गई थी, लेकिन उसने पैसे नहीं दिए थे। इस कारण भाऊ ने शोरूम में रेकी कर गोलियां चलाने के निर्देश दिए थे।
दीपक ने तीन साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। चारों ने रोहतक के एक होटल में 26 सितंबर को साजिश रची थी। होटल में भी पांच करोड़ की रंगदारी देने के लिए भाऊ के नाम की पर्ची छोड़ी गई थी। घटना के बाद दीपक पंजाब भाग गया था।
स्वर्ण पदक विजेता है दीपकदीपक ने लगातार तीन साल तक अंतरराष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। उसे खेल कोटे से सेना में नौकरी भी मिली थी, लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़ दी। वह एक मान्यता प्राप्त वुशू कोच है और रोहतक में किक-बॉक्सिंग का कोचिंग सेंटर चलाता है। पैसों के लालच में वह आपराधिक वारदात करने के लिए तैयार हो गया।
मुठभेड़ में शूटर अरमान गिरफ्तार
स्पेशल सेल ने कंझावला में मुठभेड़ के बाद चरखी दादरी निवासी शूटर अरमान खान (27) को गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल/उत्तरी रेंज के एसीपी राहुल कुमार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कादियान, इंस्पेक्टर राकेश कुमार और इंस्पेक्टर अमित नारा की टीम ने उसे घेर लिया था।
पुलिस को देखते ही उसने गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। 12वीं कक्षा तक पढ़ा अरमान पहले हरियाणा में नर्सिंग अर्दली रह चुका है। अगस्त में वह एक दोस्त के माध्यम से भाऊ गिरोह के सदस्यों के संपर्क में आया। पैसे का लालच देकर उसे गिरोह में शामिल कर लिया गया। उसका पहला आपराधिक कृत्य गांव बिलोटा (इमलोटा) में हत्या का प्रयास था। एक साथी के लिए वह बदला लेना चाहता था।
बरामद सामान
दीपक के कब्जे से नोटबुक मिली जिससे धमकी भरा संदेश लिखने के लिए पेज लिया गया था। इसके अलावा कपड़े, बैग और जूते बरामद किए गए। अरमान के कब्जे से सेमी ऑटोमेटिक पिस्तौल, 3 कारतूस और एक चोरी की बाइक बरामद की गई।