वरिष्ठ आप नेता और पूर्व दिल्ली शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की आलोचना की है। उन्होंने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली पर चल रहे विवाद को लेकर यह टिप्पणी की। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण छात्र परेशान हो रहे हैं।
सिसोदिया ने एक्स पर एक पोस्ट में इसे "सीबीएसई मूल्यांकन घोटाला" बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि बच्चों का भविष्य क्यों प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित समस्याओं के कारण छात्रों की कड़ी मेहनत बर्बाद हो गई है।
अभिभावकों को अपने बच्चों की चिंताओं का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। यह टिप्पणी सीबीएसई की नई डिजिटल मूल्यांकन पद्धति पर आई है। यह पद्धति कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुरू की गई थी। छात्रों ने इसमें विसंगतियों और मूल्यांकन त्रुटियों का दावा किया है। इस विवाद ने अभिभावकों और छात्रों दोनों को चिंतित कर दिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने स्वतंत्र न्यायिक जांच और एक विशेष जांच दल द्वारा जांच की मांग की है।
आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गुरुवार को बयान दिया। सीबीएसई ने कहा कि उसकी ओएसएम प्रणाली एक 'सुरक्षित और मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म' है। बोर्ड ने जोर देकर कहा कि वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल में कोई समझौता या कमजोरी नहीं पाई गई है। सीबीएसई ने अपनी डिजिटल प्रणाली की विश्वसनीयता पर विश्वास व्यक्त किया है।