दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए जारी दाखिला रेस में करीब 22 हजार से अधिक नए छात्रों ने एंट्री की है। अब यह नए छात्र सीट आवंटन की दौड़ में शामिल हो गए हैं। डीयू की ओर से दाखिले के लिए दो आवंटन सूची के दाखिले संपन्न होने के बाद सात सितंबर से नौ सितंबर तक मिड एंट्री और अपनी पहले भरी वरीयताओं को दुबारा व्यवस्थित करने का अवसर दिया था। इस विकल्प का लाभ लेते हुए करीब 22310 छात्रों ने मिड एंट्री ली और वह दाखिला रेस में शामिल हो गए हैं।
डीयू में दाखिले की दो सीट आवंटन सूची की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद विभिन्न कॉलेजों के विभिन्न कोर्सेज में करीब 9731 सीटें खाली हैं। इनमें से सबसे अधिक सीटें ओबीसी श्रेणी के लिए 2701 और एसटी श्रेणी के छात्रों के लिए 2360 खाली हैं। वहीं सामान्य श्रेणी की 1466, एससी श्रेणी की 1709 और ईडब्ल्यूएस श्रेणी की 1495 सीटें खाली हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए मिड एंट्री का विकल्प छात्रों को दिया गया था। सोमवार शाम मिड एंट्री करने की समय सीमा समाप्त हो गई। अब जिन छात्रों ने एंट्री ली हैं उनमें वह छात्र शामिल हैं जिन्होंने पहली बार आवेदन किया है क्योंकि वह पहले राउंड में किसी कारणवश कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) के तहत आवेदन करने से चूक गए थे।
अब इस प्रक्रिया के आधार पर 11 सितंबर शाम पांच बजे दाखिले के लिए तीसरी सीट आवंटन सूची जारी की जाएगी। जबकि प्रदर्शन आधारित, ईसीए, स्पोर्ट्स व वार्ड कोटे के छात्रों के लिए दूसरी सीट आवंटन सूची जारी की जाएगी। छात्र 13 सितंबर तक अपनी सीट को स्वीकार कर सकेंगे। सीट को स्वीकार नहीं करने या फीस का भुगतान नहीं करने पर छात्र सीएसएएस सिस्टम से बाहर हो जाएंगे। फीस भुगतान करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर शाम पांच बजे तक है। मालूम हो कि दो आवंटन सूची जारी होने के बाद डीयू की करीब 71600 सीटों पर अब तक 74133 दाखिले हो चुके हैं। जबकि 44532 ने अपनी सीट से संतुष्ट होकर उसे फ्रीज कर दिया है।