नई दिल्ली । संस्कृत भारती शिक्षक संघ ने आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर एक विचार गोष्ठी की। इसमें वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच भारतीय संस्कृति को सहेजना समय की मांग है। वक्ताओं ने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और संस्कृति के प्रति जागरूक बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा जा सकता है। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी अपने विचार साझा किए। संवाद