नई दिल्ली। एम्स नई दिल्ली में सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ाने की तैयारी है। संस्थान में फिलहाल मूल हिंदी पत्राचार करीब 85 फीसदी है, जिसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। यह फैसला राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 24 जून को हुई बैठक में लिया गया। बैठक में हिंदी पत्राचार की प्रगति पर चर्चा के बाद सभी विभागों, अनुभागों और केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिकारियों व कर्मचारियों से फाइलों और ई-ऑफिस में ज्यादा से ज्यादा टिप्पणियां हिंदी में लिखवाई जाएं। हिंदी में प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों की मदद से कामकाज हिंदी में कराने पर जोर दिया गया है। हिंदी में प्राप्त पत्रों का जवाब हिंदी में ही देने के साथ क और ख क्षेत्रों से आने वाले अंग्रेजी पत्रों के जवाब भी हिंदी या द्विभाषी रूप में देने को कहा गया है। ब्यूरो