दिल्ली के बिंदापुर इलाके में घरेलू सहायिका ने अपने साथी के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला के सिर पर हथौड़ी से हमला कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला घर से नकदी और गहने लूटकर फरार हो गई। जांच में पता चला कि बुजुर्ग महिला ने घरेलू सहायिका का सत्यापन नहीं करवाया था। पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटा ली है। दोनों के बिहार भागने के अंदेशा के बाद दिल्ली पुलिस ने रेलवे पुलिस को सूचना दी।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने आरोपी महिला और उसके साथी को पकड़ लिया। पुलिस उन्हें वापस दिल्ली ला रही है। मृत महिला की शिनाख्त उषा (66) के रूप में हुई है। वह ओम विहार स्थित एक फ्लैट में अकेली रहती थी। उषा का एक बेटा और बेटी है जो अपने परिवार के साथ दिल्ली में अलग- अलग जगहों पर रहते हैं। महिला की देखरेख के लिए परिवार वालों ने अपने परिचितों की मदद से कुछ साल पहले एक महिला को काम पर रखा था।
बुधवार को पड़ोस में रहने वाली महिला ने उषा को नहीं देखा तो वह हाल चाल लेने गई। उनके दरवाजे पर कुंडी लगा हुआ देखा। ताला नहीं लगे होने से उन्हें शक हुआ। वह दरवाजा खोलकर अंदर गई। उषा बिस्तर पर मृत पड़ी थी और उनके सिर से खून निकल रहा था। उसने देखा कि उषा की घरेलू सहायिका गायब है।
दोपहर 2.30 बजे उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में कर लिया। परिवार वालों से घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका के बारे में पूछताछ की। जिसमें पता चला कि परिवार वालों ने उसका सत्यापन नहीं करवाया था। न ही परिवार वालों के पास उसके घर का पता और न कोई फोन नंबर था।
थाना प्रभारी राजेश मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आस- पास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। जिसमें पता चला कि घरेलू सहायिका अपने एक पुरुष मित्र के साथ वारदात को अंजाम देकर भागी है। आस- पास के लोगों से पता चला कि एक बार उसने बताया था कि वह समस्तीपुर बिहार की रहने वाली है। पुलिस ने तुरंत दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर पहुंचकर छानबीन की और फिर गोरखपुर रेलवे पुलिस को आरोपी महिला और उसके साथी का सीसीटीवी फुटेज भेजा। रेलवे पुलिस ने दोनों की ट्रेन में पहचान करने के बाद बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस की टीम दोनों को गोरखपुर से दिल्ली लेकर आ रही है।